मैन ऑफ द मैच फाफ डु प्लेसिस (Faf du Plessis) ने 42 गेंदों में 67 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए मंगलवार को पहले क्वालीफायर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) के मुंह से जीत छीनते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 11वें संस्करण के फाइनल में जगह दिला दी।

वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में हैदराबाद द्वारा रखे गए 140 रनों के जबाव में एक समय चेन्नई ने अपने आठ विकेट 113 रनों पर ही खो दिए थे, लेकिन प्लेसिस ने 18वें ओवर में 20 रन और 19वें ओवर में 17 रन लेकर चेन्नई को जीत के करीब पहुंचा दिया और फिर आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का मार चेन्नई को दो विकेट से जीत दिलाई।

इस मैच को जीत चेन्नई ने सीधे फाइनल में जगह बना ली है हालांकि हैदराबाद की फाइनल खेलने की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। उसे दूसरे क्वालीफायर में खेलने का मौका मिलेगा जहां उसका सामना कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर मैच की विजेता टीम से होगा।

डु प्लेसिस ने अपनी नाबाद पारी में पांच चौके और चार छक्के लगाए। अंत में शार्दूल ठाकुर ने भी डु प्लेसिस का अच्छा साथ दिया और पांच गेंदों में तीन चौकों की मदद से उपयोगी 15 रन बनाए। वह भी नाबाद लौटे।

हैदरबाद के बल्लेबाज भी इस मैच में संघर्ष करते दिखे थे, लेकिन अंत में कार्लोस ब्रैथवेट ने 29 गेंदों में तीन छक्के और एक चौके की मदद से 43 रन बना हैदराबाद को 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 138 रनों का स्कोर दिया।

एक समय लग रहा था कि हैदराबाद आसानी से जीत जाएगी। उसने चेन्नई को अच्छी शुरुआत से महरूम रखा और शेन वाटसन पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर बिना खाता खोले भुवनेश्वर कुमार का शिकार बने।

सुरेश रैना ने आकर 13 गेंदों में चार चौके लगाए और अपने खाते में 22 रन डाल लिए। उन्हें सिद्धार्थ कौल बोल्ड किया। कौल ने अगली ही गेंद पर अंबाती रायुडू को बाहर भेज चेन्नई को बैकफुट पर धकेल दिया। दोनों का विकेट 24 के कुल स्कोर पर गिरा।

महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि कौल की हैट्रिक पूरी नहीं होने दी, लेकिन वो ज्यादा देर टिक नहीं पाए। 39 के कुल स्कोर प राशिद द्वारा फेंकी गई गुगली उनके गिल्लियां ले उड़ी। कप्तान ने 18 गेंदों में महज नौ रन बनाए।

राशिद ने ड्वायन ब्रावो (7) को भी 57 के कुल स्कोर पर आउच कर चेन्नई को परेशानी में डाल दिया। संदीप शर्मा ने रवींद्र जडेजा (3) को अपनी ही गेंद पर कैच कर चेन्नई को छठा झटका दिया।

संदीप ने ही दीपक चहर (10) को 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर पवेलियन भेज दिया।

चेन्नई का स्कोर 15 ओवरों में 92 रनों पर सात विकेट था। चेन्नई को जीत के लिए आखिरी तीन ओवरों में 43 रनों की दरकार थी। डु प्लेसिस ने ब्रैथवेट द्वारा फेंके गए 18वें ओवर में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 20 रन लिए। ठाकुर ने कौल द्वार फेंके गए 19वें ओवर की पहली दो गेंदों में किसी तरह दो चौके एकत्रित कर लिए और फिर आखिरी गेंद पर भी एक चौका मारा। इस ओवर में कुल 17 रन आए। आखिरी ओवर में छह रनों की दरकार थी और प्लेसिस ने पहली ही गेंद पर सीधा छक्का मार अपनी टीम को जीत दिलाई।

इससे पहले, धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। चेन्नई के गेंदबाज शुरू से ही हावी रहे और पहली गेंद से ही उन्होंने इस अहम मैच में अपना दबदबा दिखाया।

चहर ने पहली ही गेंद पर धवन को बोल्ड कर हैदराबाद को बड़ा झटका दिया। कप्तान केन विलियमसन ने आकर तेजी से रन बटोरे और शुरुआती विकेट के कारण आए दवाब को कम करने की कोशिश की, लेकिन लुंगी नगिदी ने दूसरे छोर पर खड़े श्रीवत्स गोस्वामी (12) को अपनी ही गेंद पर कैच कर हैदराबाद पर और दवाब बना दिया। गोस्वामी का विकेट 34 के कुल स्कोर पर गिरा।

दो रन बाद विलियमसन,ठाकुर की गेंद पर पवेलियन लौट लिए। विलियमसन ने 15 गेंदों में चार चौकों की मदद से 24 रन बनाए।

यहां से हैदराबाद की टीम बैकफुट पर आ गई। शाकिब अल हसन (12) ब्रावो की गेंद पर 50 के कुल स्कोर पर आउट हुए। मनीष पांडे (8) को जडेजा ने अपना शिकार बनाया।

यूसुफ पठान (24) धैर्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन ब्रावो ने अपनी ही गेंद पर एक बेहतरीन कैच पकड़ उनकी पारी पर पूर्णविराम लगा दिया। पठान 88 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे।

पठान के बाद ब्राथवेट ने कुछ रन बटोर हैदराबाद के संघर्ष करने लायक स्कोर दिया।

चेन्नई के लिए ब्रावो ने दो विकेट लिए। चहर, नगिदी, ठाकुर और जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

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