ऑस्ट्रेलिया (Australia) के गोल्ड कोस्ट (Gold Coast) में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 66 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कॉमनवेल्थ का समापन किया।

 

एनडीटीवी इंडिया के अनुसार, भारत ने कुल 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 काँस्य के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए इतिहास रचा। विश्व भर के खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर थी कि क्या भारत वर्ष 2014 के ग्लासगो (Glasgow) के अपने प्रदर्शन को पीछे छोड़ पाएगा या नहीं।

भारत ने अंतिम दिन ग्लासगो के अपने 64 पदक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 66 पदक हासिल किये, लेकिन भारतीय टीम को एक मलाल रह गया कि हम मैनचेस्टर (Manchester) के साल 2002 के 69 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ पाए।

दसवें और आखिरी दिन पदक जीतने की शुरूआत बैंडमिंटन से हुई जब सायना नेहवाल ने अपने फाइनल मैच में स्वर्ण हासिल किया और वहीं समापन भी बैडमिंटन टीम ने ही की जब पुरूष डबल्स में टीम ने रजत जीता। फाइनल में सायना नेहवाल ने अपने ही हमवतन स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु को मात दी। इस स्वर्ण के साथ सायना कॉमनवेल्थ में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली बैंडमिंटन खिलाड़ी बनी।

वहीं बैडमिंटन के वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी किंदाबीं श्रीकांत उलटफेर का शिकार हो गए और स्वर्ण से चूक गए। उन्हें मलेशिया (Malaysia) के ली चोंग वेई (Lee Chong Wei) ने हराया। दूसरी ओर पुरूष डबल्स में सात्विक साईराज और चिराग शेट्टी भी उलटफेर का शिकार हुए और स्वर्ण से चूक गए। इन्हें इंग्लैंड (England) के मार्कस एलिस (Marcus alice) और क्रिस लांजरी (Chris Lingerie) ने मात दी।

एनडीटीवी इंडिया के अनुसार, टेबल टेनिस में अचंत शरत कमल ने पुरूषों की एकल वर्ग स्पर्धा का काँस्य पदक अपने नाम किया। काँस्य के लिए खेले गए खेल में शरत ने इंग्लैंड के सैमुएल वॉकर (Samuel Walker) को मात दी। दूसरी ओर महिलाओं के मिक्सड डबल्स में मनिका बत्रा और साथियान गणाशेखरन ने अपने हमवतन शरथ और शौमा को हराकर काँस्य पदक अपनी झोली में डाला।

स्कवॉश में दीपिका पल्लिकल कार्तिक और जोशना चित्नप्पा की जोड़ी को महिला युगल के फाइनल में हार का सामना करते हुए रजत से संतोष करना पड़ा। इनकी जोड़ी को न्यूजीलैंड (New Zealand) के जोल किंग (Jole King) और अमांडा लैंडर्स मर्फी (Amanda Landers Murphy) ने हराया।

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