भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) (ISRO) अक्टूबर माह में चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर चंद्रयान-2 नामक अपना दूसरा चंद्र मिशन लॉन्च करने की संभावना है।

पहले, इस मिशन को अप्रैल माह में शुरु किया जाना था, और इसरो के अध्यक्ष के. सिवान (K Sivan) ने कहा, मिशन की लॉन्चिंग नवंबर माह तक कभी भी हो सकती हैं।

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Credit: Newsbyte

दिलचस्प बात ये है कि यदि मिशन अक्टूबर माह में लॉन्च होता है, तो यह चंद्रयान-1 की 10वीं वर्षगांठ के साथ साथ होगा, जो कि भारत का पहला चन्द्र का मिशन था।

चंद्रयान-2 एक स्वदेशी परियोजना है जो चंद्रमा तक एक ऑर्बिटर (orbiter), एक लैंडर (lander), और एक रोवर (rover) लेकर जाएगा।

यह इसरो का पहला मिशन होगा जो अंतरिक्ष में किसी पिंड पर रोवर पहुंचाएगा और इसकी लागत करीब ₹800 करोड़ तक हो सकती है। लॉन्चिंग के लिए इसरो GSLV मार्क-2 का इस्तेमाल करेगा।

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मिशन का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर रोवर को उतारना है और इसके माध्यम से विश्लेषण के लिए डेटा उपलब्ध करना है।

नासा (NASA) के प्रसिद्ध मिशन अपोलो (Apollo) से भिन्न,  इसरो चंद्रमा के भूमध्य क्षेत्र की बजाए उसके दक्षिणी ध्रूव पर रोवर उतारेगा। यदि यह मिशन सफल हो जाता है, तो यह वैश्विक रुप से पहला सफल चंद्र अभियान होगा जो यह निष्पादित करेगा।

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