आज यानि कि बुधवार, जनवरी 31 को इस साल का पहला चंद्रग्रहण दिखाई देगा। इस बार का चंद्रग्रहण बहुत ही खास है क्योंकि चंद्रग्रहण का ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 150 साल बाद आया है और इसमें  ब्लड मून, ब्लू मून और  सुपर मून तीनों एक साथ दिखाई देने वाले है। इस साल का पहला चंद्रग्रहण क्यों खास है और ऐसा क्यों होता है, चलिए जानते हैं।

बता दें कि चंद्रग्रहण का ऐसा संयोग 152 साल पूर्व मार्च 31, 1866 में दिखा था। खबरों की माने तो अगले 11 सालों तक चंद्रग्रहण का ऐसा संयोग नहीं दिखेगा। बात अगर आज के चंद्रग्रहण की करें तो यह पूर्ण चंद्रग्रहण है, जो तीन सालों बाद दिखाई देने वाला है।

भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में यह पूर्ण चंद्रग्रहण स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है। भारत में यह चंद्रग्रहण शाम के करीब 5:58 मिनट से शुरू होगा जो रात 8:41 मिनट पर खत्म होगा।

इस बार के चंद्रग्रहण की खास बात यह भी है कि आप इसे अपनी आंखों से भी देख सकते हैं यानि कि इसे देखने के लिए किसी भी तरह के उपकरण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आज का चंद्रग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि आज चंद्रमा तीन अलग-अलग रंगों में दिखाई देगा।

चलिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मून क्या है और आखिर ऐसा होता क्यों है?

1. सुपर मून!

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Credit: NDTV

खगोलशास्त्र के अनुसार जब चांद और धरती एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं, और पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है तब  चंद्रग्रहण होता है। इसको ही ‘सुपर मून’ कहते हैं। सुपर मून की स्थिती में चांद सामान्य से करीब 14 फीसदी बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।

2. ब्लू मून!

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Credit: Amarujala

जब पूर्ण चंद्रग्रहण होता है तो चांद के निचली सतह से नीले रंग की रोशनी दिखती है, जिसकी वजह से इसको ब्लू मून भी कहा जाता है। बताया जा रहा है कि अगला ब्लू मून दिसंबर 2028 और जनवरी 2037 में दिखेगा।

3. ब्लड मून!

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Credit: Bhaskar

ऐसा तब होता है जब धरती की छाया चंद्रमा को अपने आवेश में ले लेती है और चंद्रमा की रोशनी पृथ्वी से छन कर हल्की-हल्की चांद तक पहुंचती है। इस दौरान सूरज की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडम में बिखर जाती है। यहां के वायुमंडल में मौजूद कण, लाल और नारंगी रंग को छोड़कर सूरज की रोशनी मे मौजूद अन्य सभी रंगो को अवशोषित कर लेते हैं और चांद तक केवल लाल और नारंगी रंग ही पहुंच पाते हैं। इस कारण चांद लाल दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून कहते हैं।

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