ग्रेट बैरियर रीफ (The Great Barrier Reef) दुनिया के सात अजूबों में से एक है और बाहरी अंतरिक्ष से पृथ्वी पर दिखाई देने वाली एकमात्र सजीव वस्तु है।

विशेषज्ञों के एक दल ने यह निष्कर्ष निकाला है कि आस-पास के महासागर की गर्माहट के कारण इसे सम्पूर्ण  विनाश का तात्कालिक खतरा हो गया है और जलवायु परिवर्तन की  “असाधारण गतिशीलता” के कारण इसके प्रति तत्काल कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

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पिछले साल किए गए एक सर्वेक्षण में यह पता चला था कि सर्वेक्षण के 95 प्रतिशत प्रवाल क्षेत्र विरंजित हो गए थे। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि प्रवाल जंतुओं (coral polyps) ने उनके अंदर रहने वाले शैवालों को अपने शरीर से बाहर फ़ेंक दिया था।

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उस दल द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने दावा किया था :

“[हम] रीफ द्वारा सामना किए जा रहे प्रभावों की गंभीरता के बारे में हमारी चिंता में एकजुट हैं और हमने यह निष्कर्ष निकाला है कि 2016 के शुरूआती दौर से प्रवाल विरंजन ने मूल रूप से रीफ को बदल दिया है।”

“रीफ और उस पर निर्भर समुदायों और व्यवसायों के भविष्य के बारे में बहुत चिंता है लेकिन आने वाले दशकों में पारिस्थितिकीय कार्य को बनाए रखने की आशा अभी भी बनी हुई है।”

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रिपोर्ट का निष्कर्ष था :

“सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि हमारे जीवनकाल में और हमारी निगरानी में, ग्रेट बैरियर रीफ और आसपास के पारिस्थितिक तंत्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बड़े दीर्घकालिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और यदि अभी कार्रवाई नहीं की जाती है तो यह नुक्सान अपरिवर्तनीय होगा।”

“यह ग्रह इस तरह से बदल गया है कि विज्ञान हमें सूचित करता है कि यह बदलाव मानव इतिहास में अभूतपूर्व है। जबकि यह अपने आप में कार्रवाई किए जाने का एक कारण हो सकता है, हमें इस बदलाव में असाधारण गतिशीलता को देखते हुए कार्रवाई करना और भी अनिवार्य  हो गया है।”

इसका समाधान क्या है?

हमें ग्रीनहाउस गैसों का उपयोग पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।

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