पूर्व में नासा के ज्यादातर सेटलाइट्स आकार में काफी बड़े होते हैं, तकरीबन एक स्कूल बस के बराबर, लेकिन बीते दो दशकों से धीरे-धीरे सेटलाइट के आकार को कम करने की कोशिश की जा रही है। आकार में छोटे इन मिनी सेटलाइट्स को क्यूबसैट्स (CubeSats) कहा जाता है, जिन्हें शीघ्रता से प्रक्षेपित भी किया जा सकता है।

नासा के मुताबिक सूटकेस के अाकार वाले ये सेटलाइट्स काफी सुविधाजनक होते हैं और पूर्व के विशालकाय सेटलाइट्स के मुकाबले इनका वजन और लागत भी काफी कम होती है।

An artist
Credits: NASA/JPL-Caltech

मई में नासा क्यूबसेट्स की दो जोड़ियां लॉन्च करेगा। इन जुड़वा स्पेस्क्राफ्ट्स को मार्स क्यूब वन (Mars Cube One) या मार्को (MarCO) कहा गया है और इन्हें कैलिफोर्निया (California) के पसाडेना (Pasadena) स्थित नासा के जेट प्रोप्लुशन लैब (Jet Propulsion Laboratory) में बनाया गया है।

Engineer Joel Steinkraus
Credits: NASA/JPL-Caltech

दोनों मार्को स्पेसक्राफ्ट को एक ही रॉकेट लॉन्चिंग इनसाइट (InSight) के माध्यम से प्रक्षेपित किया जाएगा जो कि नासा के अगले रोबोटिक लैंडर हैं। मंगल ग्रह के वातावरण में पहुंचने के बाद दोनों मार्को स्पेसक्राफ्ट अपनी उच्च गुमणवत्ता एंटीना के माध्यम से डेटा भेजेंगे।

Joel Steinkraus
Credits: NASA/JPL-Caltech/Tyvak/Cal Poly SLO

मार्को किसी भी तरह का स्वयं का विज्ञान उत्पन्न नहीं करेंगे और ना ही धरती पर डेटा भेजने के लिए उन्हें इंसाइट की आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन धरती की कक्षा से परे यह क्यूबसेट तकनीकी एक महत्वपूर्ण परीक्षण होगा और यह भी दर्शाते हैं कि सौरमंडल की जानकारियां प्राप्त करने के लिए उनका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।

Credits: NASA/JPL-Caltech/Tyvak/Cal Poly SLO

इन दोनों सैटलाइट का आधिकारिक नाम मार्को-ए (MarCO-A) और मार्को-बी (MarCO-B) है। लेकिन जिस टीम ने इन्हें बनाया है उनके  लिए ये वॉल-ई (Wall-E) और इवा (Eva) हैं। इनों दोनों मार्को में अग्निशमक की भांति कंप्रेस गैस का इस्तेमाल किया गया है

यदि ये मार्को इस अभियान में सफल होते हैं तो संचार रिले के एक प्रकार की तकनीकी का परीक्षण करेंगे, जो कि भविष्य में मंगल लैंडिंग के लिए ब्लैक बॉक्स (black box) के तौर पर काम कर सकते हैं, जो इंजीनियरों को मंगल ग्रह पर स्पेसक्राफ्ट के लैंडिंग के दौरान आने वाली मश्किलों के बारे में जानने में मदद करेगा। मंगल ग्रह पर लैंडिंग का काम काफी मुश्किल होता है।

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