ऑस्ट्रेलिया (Australia) के वैज्ञानिकों ने एक नई प्रणाली विकसित की है, उनका कहना है कि इसकी मदद से खगोल वैज्ञानिक ब्लैक होल (black holes) की झनझनाहट को भी सुन सकते हैं।

एबीसी न्यूज़ के अनुसार, मेलबर्न (Melbourne) के शोधकर्ताओ द्वारा की गई इस खोज के बारे में कहा जा रहा है कि इससे ब्रम्हाण्ड की शुरुआत के बारे में जानने में काफी मदद मिल सकती है। मोनाश विश्वविद्यालय (Monash University’) के डॉ. एरिक थ्रेन (Dr Eric Thrane) ने कहा, “ब्लैक होल को हम हमारे नज़दीक ही नहीं देख रहें हैं, इसे हम ब्रम्हाण्ड की शुरुआत से देख रहे हैं, जब तारो की उत्पत्ति हुई थी।”

प्रत्येक तीन मिनट में ब्रम्हाण्ड में कहीं दो ब्लैक होल आपस में टकराते हैं। क्योंकि इन बेहमोथ्स (behemoths) का गुरुत्वाकर्षण बल बहुत तीव्र होता है, जब वे एक-दूसरे के करीब आते हैं, तब वे अंतरिक्ष और समय को बहुत हद तक हिला कर रख देते हैं, और कॉस्मोस (cosmos) में बहुत तुच्छ गुरुत्वाकर्षण तरंग छोड़ते हैं।

Computer simulation of black holes colliding
Credit: NASA Jet Propulsion Laboratory

अमेरिका में लीगो उपकरण (LIGO instrument) का इस्तेमाल कर खगोलशास्त्रियों ने वर्ष 2016 में पहली बार ऐसी गुरुत्वाकर्षण तरंग विकिरण का पता लगाया था और इस खोज के लिए नोबल पुरस्कार भी मिला था।

नई तकनीकी विकसित कर मेलबर्न के खगोलशास्त्रियों ने अब इसमें एक नया आमा पेश किया है, उनका कहना है कि ब्रम्हाण्ड के सभी ब्लैक होल के विलय के पृष्ठभूमि की आवाज़ को सुनने में मदद करेगा।

A black hole and its accretion disc.
Credit: NASA/JPL-Caltech

पृथ्वी से बहुत दूर स्थित तमाम ब्लैक होल की आवाज़ सुनने में सक्षम होने के बाद, वैज्ञानिकों को इससे हमारे ब्रम्हाण्ड के बारे में और भी गहराइ से जानने में मदद मिलेगी।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds