मानव शरीर अपने आप में तमाम सवालों और रहस्यों को सहेजे हुए है, जिन्हें सुलझाने के लिए वैज्ञानिक नित नए-नए शोध करते रहते हैं। इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने एक नया शोध किया, जिसमें वैज्ञानिकों ने मानव मस्तिष्क में एक विशेष न्यूरोन (तंत्रिका कोशिका) का पता लगाया है, जो वातावरण में नेविगेट करने की हमारी क्षमता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जीपीएस न्यूरोन, नेविगेशन की बिगड़ी भावना वाले लोगों, जैसे कि अल्ज़ाइमर (Alzheimer) मरीज़ों के लिए मददगार साबित होगा, क्योंकि यह विशेषज्ञों को हमारे मस्तिष्क कोड नेविगेशन्स को समझने में मदद करेगा।

यूवा (Uva) शोधकर्ताओं, जेरोन बॉस (Jeroen Bos), मार्टिन विंक (Martin Vinck), और साइरेल पेनार्टज़ (Cyriel Pennartz) की अगुवाई वाली एक शौधकर्ताओं के समूह ने इस न्यूरोन को पहचाना और अपने इस शोध को नेचर कम्यूनिकेशन (Nature Communications) में प्रकाशित किया।

 

The experiment on rats
Credit: Newsbyte

शोधकर्ताओं के अनुसार, हमारे मस्तिष्क में नेविगेशन की प्रणाली में हिप्पोकैम्पल प्लेस कोशिकाएं (hippocampal place cells) शामिल हैं, जो कि विद्युत गतिविधियों को बढ़ाता और घटाता है, यह किसी इंसान के स्थान पर निर्भर करता है।

मानव मस्तिष्क के इस क्रियाविधि को समझने के लिए, शोधकर्ताओं ने चूहों को एक फिगर-8 मेज़ में एक नेत्रहीन निर्देशित कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जिसमें दो लूप शामिल थे, जो कि बीच में एक-दूसरे पर चढ़े हुए थे।

 

Image result for Human brain
Credit:Newsbyte

नोवल उपकरण (novelinstrument) के माध्यम से शोधकर्ताओं ने उनके मस्तिष्क में विद्युत गतिविधियों का इस्तेमाल किया, जिसने उन्हें चार विभिन्न क्षेत्रों-पेरिहिनल कॉर्टेक्स, हिपोकैंपस और सेंसरी एरिया से एक ही समय में न्यूरॉन के समूह को मापने की अनुमति प्रदान की ।

हालांकि, पेरिहैनल कॉर्टेक्स ने पूरे लूप में प्रतिक्रियाओं को कायम रखा था, हिप्पोकैंपल प्लेस सेल्स की प्रतिक्रिया बिखरी हुई थी और उनका क्षेत्र मेज़ के लूप की तुलना में बहुत छोटा था।

बोस (Bos) ने कहा, हम यह देखकर हैरान हो गए कि पेरिहैनलकॉर्टेक्स(perirhinal cortex’s) की प्रतिक्रिया मेज़(maze) के लेआउट (layout)के साथ इतनी बारीकी से संरेखित होती हैं, क्योंकि इस क्षेत्र का संबंध सामान्यतः चीज़ों की पहचान के साथ है।

जीपीएस न्यूरॉन से जो परिणाम प्राप्त हुए हैं उन्हें अल्ज़ाइमर या अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज़ों के मार्गदर्शक के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। शोध ने ऐसे उपचार के लिए पेरिहैनल कॉर्टेक्स को चिन्हित किया है। न्यूरॉन रिप्लेसमेंट उपकरण(neural replacement devices)और सहायक रोबोट को भी इस अध्ययन से कुछ फायदा होगा।

Share

वीडियो

Ad will display in 10 seconds