मानव बहुत ही उत्सुक प्रवृति का जीव है। सागर की गहराइयों से लेकर अननंत ब्रम्हाण्ड में क्या कुछ चल रहा है, हर चीज़ से वाकिफ होने की चाहत रखता है। दिन के उजालों में तो इंसान अपने कार्यों में व्यस्त रहता है, लेकिन अंधेरी रात में टिमटिमाते तारे अक्सर जेहन में कई सवाल छोड़ जाते हैं, मसलन, धरती से तारों की दूरी क्या होगी, इन सबके बीच सबसे चमकीला तारा कौन है आदि। धरती से चमकते उन तारों के बीच में एक तारा साइरस (Sirius) भी है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह तारा पृथ्वी से दिखाई देने वाला सबसे चमकीला खगोलीय तारा नहीं है। क्या हैं अन्य महत्वपूर्ण अंतर ? चांद और सूरज के अतिरिक्त, शुक्र और बृहस्पति ग्रह भी चमकदार दिखते हैं। पृथ्वी के सापेक्ष उनके कक्षाओं में स्थिति के आधार पर मंगल और बुद्ध ग्रह भी ऐसे ही हैं। लेकिन सभी वास्तविक तारों में साइरस अकेला ही बहुत चमकदार तारा है—दूसरे सबसे चमकदार तारे, कैनॉप्स (Canopus) के करीब दोगुना चमकदार हैं।

Sirius A and B
Credit: skyandtelescope

एक श्रेणी का तारा होने के नाते, साइरस उल्लेखनीय रुप से हमारे सूरज से बड़ा है और एक संपूर्ण परिमाण के साथ 20 गुना अधिक चमकदार है। लेकिन यह अब भी मुख्य श्रृंखला में है, जिसका मतलब है कि इसके कोर में अभी भी हाइड्रोजन जल रहा है—अबतक व्यापक स्तर पर इसके फेज़ का पता नहीं चला है। इसलिए पृथ्वी से स्टार के प्रभावशाली स्वरूप का मुख्य कारण यह है कि वह इसके कितना करीब है। 8.6 प्रकाश वर्ष की दूरी पर सायरस व्यवहारिक रुप से खगोलीय विद्या में एक महत्वपूर्ण खोज है। कुछ ऐसे तारे हैं जो हमारी पृथ्वी के काफी नज़दीक हैं, परिचित अल्फा सेंटॉरी सिस्टम सहित, लेकिन इनमें से कोई साइरस के वास्तवकि परिमाण से मेल नहीं खाते हैं और यह अंतर दर्शाता है।

Sirius

Credit:skyandtelescope

हमारे सूरज की तरह, साइरस इकलौता नहीं है। यह बाइनरी सिस्टम का एक सदस्य है, और इसका साथी छोटा तारा है, जिसका नाम साइरस बी है। हालांकि, यह सूरज के द्रव्यमान के दोगुना है, पप पृथ्वी से भी छोटा है, जो इसे अविश्वसनीय घनी वस्तु बनाता है। यह बहुत ही प्रबल गुरत्वाकर्षण बल उत्पन्न करता है, संभवतः ऐसा साइरस ए के आगे-पीछे की गति की वजह से होता है, जैसा कि खगोलज्ञों ने पहली दफा में अंदेशा जताया था कि इसके नज़दीक कोई अन्य तारा भी है। अपने साथियों की तुलना में साइरस बी, मद्धम और धुंधला है और इसे 1862 में भी ढ़ूंढ़ लिया गया था।

Finding Sirius
Credit:skyandtelescope

इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि पूरे इतिहास में, साइरस अपनी चमक के कारण, कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। कुछ प्राचीन संस्कृतियों में, खासकर, ग्रीक सभ्यता को लेकर जहां से हमें ज्यादातर खगोलीय प्रथा विरासत में मिली।

प्राचीन इजिप्ट में चमकीले तारों को विभिन्न पौराणिक चित्रों के साथ जोड़ा गया, जिसमें आईसिस, ओसिरिस और अनुबिस शामिल हैं। इसके हेलिकल उदय के समय को मौसमी संकेत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। यह नील नदी के किनारे बसे किसानों को वार्षिक बाढ़ से आगाह भी करता था।

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