इन दिनों कश्मीर का श्रीनगर ऊनी कपड़ों की दयालुता में लिपटा नजर आ रहा है। ईरान और तुर्की के परोपकारी लोगों से प्रेरणा लेते हुए श्रीनगर के गैर सरकारी संगठन(NGO) के स्वयंसेवकों के एक समूह ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को कपड़े दान करने के लिए नेकी की दीवार(Wall Of Kindness) स्थापित की है। 

Image may contain: one or more people, people standing and outdoor
credit : facebook

NGO के स्वयंसेवकों ने लोगों द्वारा दान किये गए कपड़े, जूते और अन्य वस्तुएँ प्रदर्शित करने के लिए होटल पंपोश की एक दीवार के हिस्से को रंग दिया है। नेकी की दीवार बनाने के पीछे उद्देश्य यह है कि लोग अपने पुराने और अतिरिक्त कपड़े दान करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें और जरूरतमंद इसका इस्तेमाल कर सकें । 

इन स्वयंसेवकों ने नेकी की दीवार पर मंगलवार से कपड़ों को प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। स्वयंसेवक शीजान मुंतज़िर के अनुसार उन्हें अच्छी अनुक्रिया मिली है। चूँकि कश्मीर इन दिनों ठण्ड की चपेट में है इसलिए ज्यादातर लोग जैकेट, स्वेटर, कैप्स जैसे ऊनी कपड़ो का दान कर रहे हैं। जरूरतमंद आते हैं किसी से पूछे बिना अपनी जरूरत के कपड़े ले जाते हैं। 

वहीं सदाफ फ़िरदौस बाबा कहते हैं कि, “इस पहल का उद्देश्य समाज को अच्छे कार्य के लिए दान करने की भावना को जागृत करना है।” नेकी की दीवार सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक कार्यरत रहती है। यहाँ एक स्वंयसेवक हमेशा मौजूद रहता है जो लोगों के दान किये कपड़ो को करीने से लटकाता है। शाम होने पर इन कपड़ो को मस्जिद में रखा जाता है ताकि वे गीले न हों । 

credit : facebook

इस NGO ने श्रीनगर नगर निगम से कश्मीर विश्वविद्यालय और अमर सिंह कॉलेज में भी नेकी की दीवार स्थापित करने की अनुमति प्राप्त की हैं। यह अवधारणा ईरान के मशहाद शहर से शुरू हुई थी। इसके बाद तुर्की, पाकिस्तान जैसे देशों में भी नेकी की दीवार की स्थापना हुई है। 

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds