क्रिकेट की दुनिया में न जाने कितने लोग अपनी किस्मत आजमाने आ जाते हैं जिनमें से कुछ लोग अपनी मेहनत और किस्मत के बलबूते पर क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो जाते हैं। आज हम ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बात कर रहे हैं जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट करियर के पहले ही मैच में शानदार शतक जड़ा। इस महान खिलाड़ी का नाम पृथ्वी शॉ है जो अपने पदार्पण टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। 

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महज 18 बरस के इस युवा की जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण रही है। पृथ्वी शॉ का जन्म ठाणे के एक साधारण परीवार में हुआ। महज चार साल की उम्र में उनकी माँ का देहांत हो गया। इसलिए पिता ने अपने कपड़ो का व्यापार बंद कर पृथ्वी को माँ-बाप दोनों का प्यार दिया। और अकेले ही उनकी परवरिश की। 

पृथ्वी को बचपन से ही क्रिकेट से लगाव रहा है। तीन साल की उम्र में उन्होंने गेंद और बल्ले से दोस्ती कर ली। क्रिकेट में दिलचस्पी देखते हुए उनके पिता पंकज शॉ ने पृथ्वी को विरार के क्रिकेट क्लब में दाखिला दिलाया और बाद में मध्य आय समूह(MIG) क्रिकेट क्लब में उन्होंने प्रशिक्षण लेना शुरू किया।  जहां पर वे सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के साथ खेलते थे।  

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अपने खेल का अभ्यास करने के लिए पृथ्वी को रोजाना अपने पिता के साथ विरार से बांद्रा तक लोकल से डेढ़ घंटे का सफर तय करना होता था। पृथ्वी ने क्रिकेट को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया लेकिन इस बीच उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। वे इस समय मुंबई के रिज़वी कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।

पृथ्वी ने महज 14 साल की उम्र से ही भारतीय क्रिकेट में धमाल मचाना शुरू कर दिया था। साल 2013 में उन्होंने हैरिस शिल्ड मैच में रिजवी स्पिंगफील्ड की तरफ से खेलते हुए 330 गेंद पर 546 रन की पारी खेली थी। इस पारी में पृथ्वी के बल्ले से 85 चौके और पांच छक्के निकले थे।

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17 साल की उम्र में दलीप ट्रॉफी में डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में इंडिया रेड की तरफ से खेलते हुए 154 रन की पारी खेल सनसनी मचा दी। इस पारी के साथ पृथ्वी ने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की। दिलीप और रणजी ट्रॉफी के पहले ही मैच में शतक जमाने के साथ ही पृथ्वी ने टीम इंडिया की दावेदारी ठोकनी शुरू कर दी थी।

वे अंडर 19 क्रिकेट टीम के कप्तान साल 2017 में बने। फिर 2018 में अंडर 19 विश्वकप के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में सौ गेंदों पर 94 रन बनाए। पृथ्वी शॉ की कप्तानी में तीन फरवरी को भारत ने अंडर 19 विश्वकप जीता। 

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आज वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच में शतक लगाकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया। अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से उन्होंने सबका दिल जीत लिया है। इस प्रतिभाशाली क्रिकेटर को जब भी खेलने का मौका मिला तो अपने बल्ले से उसने सभी को प्रभावित कर दिया।अंतरराष्ट्रीय पदार्पण टेस्ट क्रिकेट में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक ज़माने वाले पृथ्वी शॉ के सफर की कहानी की तो बस ये एक शुरुआत है।  

अब भारतीय क्रिकेट में पृथ्वी शॉ द्वारा एक नयी कहानी लिखी जाएगी। और हम उम्मीद करते हैं उनका यह सफर कामयाबी के अंतिम चरम तक चलता रहे।

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