एक बूढ़ी औरत अपने कूबड के कारण दुर्बल और चलने में असर्मथ हो गयी थी। लेकिन जब उसने योग करना शुरु किया तो सब ठीक होने लगी। उन्होंने बहुत जल्दी ही अपनी स्वतंत्रता हासिल कर ली और स्वयं जीवन जीने योग्य हो गयी।

जब 86 साल की एना पेस्के वर्ष 2014 में अपने बच्चों से वापस आकर मिली, वह सीढ़ियों पर चढते हुए लगभग गिरते-गिरते बची थी। उन्होंने न्यूर्याक पोस्ट से बताया “मेरी कमर में यह भंयकर दर्द बढ़ता जा रहा था,” उन्होंने आगे कहा “मुझे व्हील चेयर पर बैठाकर सीढ़ियों से ऊपर ले जाया गया ताकि मै आराम कर लूं।”

कुछ दशकों तक एना, अपनी स्कोलियोसिस, हर्नियेटेड डिस्क और ओस्टीयोपोरोसिस (scoliosis, herniated disc, and osteoporosis)  के कारण कूबड से पीडित थी (जोकि हड्डियों को कमजोर करती है और रीढ की हड्डी में झुकाव लाती है)।

एना ने कहा “मैनें सब कोशिश की, एक्यूपक्चर, फिजिकल थेरेपिस्ट और काइरोप्रैक्टर को भी दिखाया, उन्होंने बताया, “आपको अस्थायी रूप से अच्छा लगेगा लेकिन फिर से जल्दी ही दर्द होने लगेगा।”

कुछ समय बाद एना अपने बच्चों से मिली, उनकी बेटी ने उन्हें एक प्रमाणित योग निर्देशक रैचिल जेसिन (Rachel Jesien,) से मिलवाया, जो की कमर की देखभाल के विशेषज्ञ थे और स्कोलियोसिस (कुबडपन) से पीडित थे।

एना ने जेसिन से एक-एक करके स्वास्थयकर योग मुद्राएं और खिचांव सीखें, और एक महीने बाद ही आश्चर्यजनक रुप से एना फिर से चलने योग्य हो गयी।

योगा निर्दशक ने कहा, “दो महीनें बाद ही अन्य बड़ी उपलब्धि ये थी कि एना यह जान गयी थी कि जब भी उसे दर्द होगा तो वह कौन-सी मुद्रा का योग करेंगी।” ” उदाहरण के लिए अगर उसे कूल्हे मे दर्द होता तो वह कुर्सी पर बैठकर पावं की एडी-से-घुटने की मुद्रा करती हैं।”

जेसिन को कमर की देखभाल का योग सबसे पहले वर्ष 2010 में बताया गया जब एक मालिश करने वाले विशेषज्ञ ने उसे इसकी सलाह दी थी। जैसिन ने बताया “मुझे पाँच साल तक कमर पर पट्टी बाँधनी पड़ी और हर सप्ताह फिजिकल थेरेपी के लिए जाती थी, लेकिन अकेली यही चीज थी जो काम कर गयी थी।”

एना ने तब से ही अपनी स्वतन्त्रता प्राप्त कर ली जैसे ही उसकी गतिशीलता सुधरी है।  एना ने कहा, “अब मुझे यह मजेदार लगता है क्योकि मैं खुद गाडी चला सकती हूँ और वो काम कर सकती हूँ जो पहले नहीं कर पाती थी, मैं दूसरों को भी इसकी सलाह देना चाहूँगी।”

एना की बेटी, रोजमैरी पिट्रजै़ला (Rosemary Pitruzzella) ने अपनी माता के व्यवहार में भी एक परिर्वतन देखा। रोजमैरी ने कहा “मेरी माँ और अधिक आत्मनिर्भर हो गयी है, और जिस तरीके से वह अब खुद चलती है वह बहुत खुश और ऊर्जावान महसूस करती है।”

माउंट सिनाई अस्पताल (Integrative Pain Management at Mount Sinai Hospital) के निर्देशक हूयमन दानेश के अनुसार योग मुद्राएं लोगों के कमर दर्द को कम करने में सहायता कर सकती हैं।

डॉ दानेश ने बताया “वजन को झेलने वाले व्यायाम जैसे कि घुटनों से नीचे झुकना और ढकेलना निश्तित रुप से हड्डी के घनत्व को बढ़ाते है। योग मुद्राओं को भी आसानी से यही प्रभाव पाने के लिए अपनाया जा सकता है। फिजिकल थैरेपिस्ट योग व्यायाम को भी अपने सत्र मे शामिल कर रहे हैं।”

वह आगे बताते है, “मैं मरीज को एक योग निर्देशक के बजाय बड़े फिजिकल थेरेपिस्ट के पास जाने को कहूँगा। लेकिन सबसे जरुरी बात यह है की लोगों को वैयक्तिक देखभाल और ध्यान दिया जाना चाहिए।

इनकी कहानी नीचे दी गई है :

Photo credit: YouTube Screenshot | New York Post.

Share

वीडियो

Ad will display in 10 seconds