कहते हैं साझा करने से दुःख कम होता है और प्यार बढ़ता है। यदि देश के नौनिहालों को बचपन से ही चीज़ें साझा करने का संस्कार दिया जाए, तो समाज में हर तरफ खुशियां ही झलकेंगी। कुछ ऐसा ही काम पंजाब के लुधियाना की एक संस्थान स्कूली छात्रों के साथ मिलकर कर रही है और ज़रुरतमंदों के साथ दो वक्त की रोटी साझा करना सिखा रही है।

दूरदर्शन न्यूज के अनुसार, इस पहल की शुरुआत शहर की एक स्वयं सेवी संस्था रेय ऑफ पॉजिटिविट (Ray of positivity) ने की। खबरों के अनुसार मरिंदर पाल सिंह ने सितंबर माह में अपने कुछ साथियों को लेकर माँ की रसोई नाम से एक अभियान चलाया, जिसके तहत ज़रुरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

इस अभियान में मरिंदर ने सबसे पहले आर.एस मॉडल पब्लिक स्कूल को जोड़ा और स्कूल प्रसाशन के साथ-साथ अभिभावक छात्र भी सहर्ष इस अभियान से जुड़ गए। यह अभियान प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलाया जाता है। इस दिन बच्चे अपनी आवश्यकताओं से थोड़ा अधिक भोजन लेकर आते हैं और उन्हें जरुरतमंदों को दिया जाता है।

बच्चों द्वारा साझा किया भोजन शहर के अस्पतालों के मरीज़ों और तीमारदारों को उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को मांँ की रसोई में सात से आठ हज़ार पराठें एकत्रित हो जाते हैं, जिन्हें जरुरतमंदों की थाली में पहुंचा दिया जाता है।

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