नीदरलैण्ड स्थित वैश्विक ऑडिटिंग सर्विस कंपनी केएमपीजी के एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती स्टॉक बिक्री के लिए कई चीनी कंपनियां हांगकांग जा रही हैं। यह बदलाव प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (Initial Public Offering – IPO) के लिए वैश्विक बाज़ार में हॉन्गकॉन्ग को शीर्ष पहुंचाएगा।

हुरुन (Hurun) द्वारा अक्टूबर 26 को जारी किए गए एक रिपोर्ट में अलीबाबा ग्रुप के जैक मा (Jack ma) को सबसे अमीर बताया गया है, जो चीन की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसके अलावा हुरुन ने चीन के शीर्ष 30 पूंजीपतियों की सूची भी जारी की है। इस सूची के प्रत्येक शख्स की संपत्ति $166 के करीब है। अलीबाबा ग्रुप के सह-संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष जैक मा का नाम इस सूची में शीर्ष पर है। 

चीनी सरकार के अधीन अखबार इंटरनेशनल फाइनेंस ने अक्टूबर 6 को एक रिपोर्ट में कहा था कि इस वर्ष 174 कंपनियां हॉन्ग-कॉन्ग में सार्वजनिक कर दी जाएगी, ये संख्या वर्ष 2017 से 6 गुणा अधिक है। केएमपीजी का हवाला देते हुए सीएनबीसी ने कहा है, आईपीओ बाज़ार में हॉन्ग-कॉन्ग वैश्विक स्तर पर अपनी बड़ी पहचान बनाने की राह पर है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में हॉन्ग-कॉन्ग में 122.6 बिलियन हॉन्ग-कॉन्ग डॉलर आईपीओ तक पहुंच गया था। वर्ष 2018 के तिमाही में यह 238.2 बिलियन हॉन्ग-कॉन्ग डॉलर पहुंच गया था। 

चीन का सेंट्रल बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने अक्टूबर 7 को एक रिपोर्ट में कहा था कि सितंबर के आखिर तक चीन के विदेशी मुद्रा भंडार में $3 ट्रिलियन की कमी आई, जो 2018 में सबसे कम है। चीन पर 1.8 ट्रिलियन विदेशी ऋण है।

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