देश में सरकारी प्राथमिक स्कूलों की हालत सुधारने के लिए सरकार तो काम कर ही रही है साथ ही अन्य लोग भी अपने स्तर पर योगदान देते रहते  हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मंदसौर की एक शिक्षिका तन-मन-धन से शिक्षा की अलख जगाने में जुटी हैं और शिक्षकों के बीच एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही हैं।

दूरदर्शन न्यूज के अनुसार, सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बेहतर बनाने और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए मंदसौर जिले की शिक्षिका ललिता सिसौदिया अपने पैसों से गेस्ट टीचर्स का इंतज़ाम करती हैं। ललिता ने स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों को भी शुरु किया है। इसके अलावा स्कूल की हालत सुधारने के लिए उन्होंने अपनी एक महीने की तनख्वाह भी उस पर लगा दी। उनकी मेहनत की बदौलत आज यह सरकारी प्राथमिक स्कूल किसी भी मायने में किसी प्राइवेट स्कूल से कमतर नहीं है।

दूरदर्शन न्यूज से बात करते हुए ललिता ने बताया कि यहां पढ़ने वाले छात्रों के मन में प्राइवेट स्कूल के बच्चों को देखकर किसी भी तरह की हीन भावना नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। इसलिए हमने सरकारी स्कूल को प्राइवेट स्कूलों की तरह बनाने का फैसला किया और उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं देने की कोशिश की जो कि किसी प्राइवेट स्कूलों में होती हैं। यही नहीं ललिता ने छात्रों के लिए स्कूल ड्रेस भी खुद अपने पैसों से खरीद कर दिया। ललिता की इस पहल को छात्रों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी सराहना करते नहीं थक रहे हैं।

बता दें कि मंदसौर के इस स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। स्कूल के शौचालयों को भी नया रुप दिया गया है और छात्रों को स्वच्छता के बारे में भी शिक्षित किया जाता है।

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