भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायधीशों में से एक जस्टिस कुरियन जोसेफ, नवंबर 29, 2018 को अपने कार्यभार से सेवानिवृत हो गये। लेकिन काम के प्रति उनकी निष्ठा और लगन की वजह से लोग उन्हें याद करते हैं। मार्च 8, 2013 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के तौर पर नियुक्त हुए जोसेफ को लॉ कंसल्ट द्वारा शीर्ष 10 न्यायधीशों की सूची में शामिल किया गया है।

कुल 1034 जजमेन्ट देने वाले जोसेफ को सर्वोच्च न्यायालय के सबसे सम्मानित न्यायधीशों में गिना जाता है। भले ही जोसेफ अपने कार्यभार से सेवानिवृत हो गए हों, किन्तु उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसले हमेशा चर्चा का विषय रहेंगे। यहां जोसेफ द्वारा सुनाए गए कुछ जजमेंट के बारे में बताया गया है…

1. तीन तलाक देश में एक अहम मुद्दों में से एक है। अगस्त 2017 को कुरियन जोसेफ ने इस पर फैसला सुनाते हुए तीन तलाक को पूरी तरह से अमान्य घोषित कर दिया था। द बेटर इंडिया के अनुसार, इस संबंध में जोसेफ ने कहा था, “तीन तलाक पवित्र कुरान के सिद्धांतों के खिलाफ है और इस तरह शरियत का भी उल्लंघन करता है। जो कुरान में गलत है शरियत का हिस्सा नहीं हो सकता।”

2. सेवानिवृत होने से पहले जस्टिस जोसेफ ने मृत्युदंड पर भी एक निर्णायक फैसला सुनाया। जोसेफ ने देखा कि सजा के रुप में मृत्युदंड पर समीक्षा करनी चाहिए और इसके उद्देश्य और प्रयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

3. इस वर्ष की शुरुआत में पांच जजों वाली बेंच ने, जिसमें जस्टिस जोसेफ भी शामिल थे फैसला किया कि नागराज केस (अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण से संबंधित) पर समीक्षा करने की आवश्यकता है।

Share

वीडियो