कालीकट आधारित एक स्वयं सेवी संस्थान केरल में बाढ़ प्रभावित छात्र-छात्राओं के लिए नोट्स तैयार करने में लगी है। संस्थान का मकसद बाढ़ की वजह से स्कूल नोट्स गवां चुके छात्रों को नए स्कूल नोट्स उपलबद्ध कराना है।

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, अगस्त 14 को संस्था जब मालापुरम के एआई अंसर अनाथालय में स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रही थी, तब अनाथालय के बच्चों ने सुझाव दिया कि “हमें उत्सव मनाने की बजाय बाढ़ पीड़ितों के लिए कुछ करना चाहिए। अनाथालय के बच्चों ने यह सुझाव दिया कि ‘हमें बाढ़ में अपना स्कूल वर्क खो चुके बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए।'”

जिसके बाद संस्थान ने इस मैसेज को सोशल मीडिया पर डाल दिया। बहुत ही कम समय में यह मैसेज वायरल भी हो गया। बहुत से लोग इसमें मदद के लिए आगे आएं, जिनमें शिक्षण संस्थान और अन्य संगठन आदि भी शामिल हैं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर पीडीएफ फोर्मेट में स्कूल के नोट्स साझा किए गए। जिसकी मदद से नोट्स और किताबें बनाकर बच्चों में वितरित किये गये। एनजीओ ने अबतक 10,000 से अधिक नोट्स केरल के विभिन्न ज़िलों में वितरित किये हैं।

संस्था के एक सदस्य ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा, अनाथालय के बच्चे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे। हालांकि, उनके लिए कुछ सीमाएं हैं, वे बस सेवा कर सकते हैं। जब हमने यह संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया तो यह जंगल की आग की तरफ फैल गया।

इसके अलावा कई संस्थान भी एनजीओ के इस पहल में मदद के लिए आए। उन्हीं में से एक संस्थान ने एक सप्ताह पूर्व तिरुवनंदपुरम के सेंट जोसेफ स्कूल में राइटिंग कैंपेन आयोजित किया, जिसमें 300 से भी अधिक लोगों ने भाग लिया। इस तरह संस्था ने 1000 से भी अधिक किताबें वितरित कीं।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds