हालाँकि आपकी मासिक आमदनी अगर अच्छी-खासी है, फिर भी ‘अतिरिक्त कमाई’ के दरवाज़े खोलना एक समझदारी भरा कदम है। अगर यह कमाई बिना किसी रोज़मर्रा की मेहनत और दिमागी ख़पत के हो जाए तो कहना ही क्या! आज हम बात करेंगे लोगों के घरों की छत, प्लॉट में लगने वाले मोबाइल टावरों की। एयरटेल, रिलायंस, वोडाफोन जैसी कंपनियां लगातार अपने नेटवर्क में विस्तार कर रही हैं। ऐसे में ज़ाहिर तौर पर उन्हें टावर के लिए उपयुक्त खाली जगह की ज़रूरत पड़ती है। अगर आप भी अपनी खाली जगह पर मोबाइल टावर लगवाकर कुछ एक्सट्रा कमाई करना चाहते हैं, तो यहां बताई गई प्रक्रिया अपना सकते हैं। ध्यान रहे, ‘बिना धोखाधड़ी’ सोच-समझकर यदि आपने बताई गई जानकारी का इस्तेमाल किया तो संभव है कि आने वाले वक्त में आप एक एक्सट्रा मासिक आमदनी के हकदार हो जाएंगे।

Credit: Patrika

लगने जा रहे हैं 45,000 टावर –

एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोकप्रिय टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो अगले 6 महीनों के भीतर देशभर में 45,000 टावर लगाने जा रही है। यह एक बेहतर मौका है अपनी खाली जगह को सही इस्तेमाल में लाने का और आमदनी के लिए रास्ता खोलने का भी। लेकिन इससे पहले, आप इस जानकारी से अतिउत्साहित हों, कुछ बातें ज़रूर जान लें।

ऐप्लाई करना है तो –

ऐप्लाई करने से पहले आश्वस्त हो जाएं कि जिस जगह को आप टावर के लिए चिन्हित कर रहे हैं, क्या वह उसके लिए पूरी तरह मान्य व वैध है? ऐसे में आपकी जगह के रिजेक्शन होने की संभावना कम रहेगी। कई बार देखा गया है कि लोगों से टावर लगाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन चार्ज मांगा गया और ठगी की गई। यदि ऐसा कोई मामला आपके साथ हो, तो तुरंत संबंधित कंपनी को सूचित करें। साथ ही उनसे असल जानकारी भी लें।

बताना चाहेंगे कि अगर आपकी जगह कंपनी की पसंदीदा चिन्हित ज़ोन में पाई जाती है तो आपसे कोई भी रजिस्ट्रेशन चार्ज नहीं लिया जाता है । इसके लिए ऐक्सेस सर्विस लाइसेंस (इंडियन टेलीग्राफ ऐक्ट के सेक्शन 4 के तहत जारी किए गए लाइसेंस समेत) और कंपनियों को मोबाइल टावर लगाने के अधिकार वाला प्रोवाइडर 1 रजिस्ट्रेशन मान्य होता है।

यहां कुछ लिंक हैं, जहां इंस्टालेसन के लिए ऐप्लाई किया जा सकता है –

http://www.industowers.com/landowners.php
http://www.bharti-infratel.com/cps-portal/web/landowners_propose.html
http://www.atctower.in/en/site-owners/existing-site-owners/index.html

कैसे लगाएं ‘सिफारिश’ –

दरअसल सबसे बेहतर तरीका है कि आपकी खाली जगह के लिए कंपनियां खुद आपसे संपर्क करें। इंडस टावर, भारती इन्फ्राटेल, वियोम रिटल, अमेरिकन टावर कॉरपोरेशन जैसी कंपनियां देशभर में टावर डिवेलपमेंट की रूपरेखा तैयार करती हैं। इसके साथ ही आप भारत सरकार की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं, जहां आपसे आपकी संपत्ति आदि का ब्योरा मांगा जाता है। इसके बाद बताई गई संपत्ति का इंस्पेक्शन होता है। कंपनियां आपको खास तौर पर खुद से तभी अप्रोच करती हैं जब आपकी जगह बेहद उपयुक्त ज़ोन में आती हो या रेडियो फ्रिक्वेंसी एनालिसिस में जगह फिट बैठती हो। साइट को ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद कुछ एमओयू साइन करवाए जाते हैं और प्रॉपर्टी तय अंतराल के लिए टेलीकॉम कंपनी को दे दी जाती है।

सबसे ज्यादा इन जगहों पर रहती है नज़र –

साल 2006 में जगह को लेकर कुछ नियम और शर्तें तय की गई थीं, जिन्हें टावर इंस्टालेशन के समय ध्यान में रखा जाता है।

1. जंगल के इलाके को खास तौर से तवज्जो दी जाती है।

2. प्रॉपर्टी आवासीय परिसर के बहुत नज़दीक नहीं होनी चाहिए। अगर हो तो थोड़ी कम तवज्जो मिलती है

3. अस्पताल, आवासीय परिसर और शैक्षणिक संस्थानों की 100 मीटर परिधि में मोबाइल टावर लगाना मान्य नहीं है।

कौन से दस्तावेज़ हैं ज़रूरी?

1. अगर आपकी जगह स्कूली इलाके में है तो प्रतिष्ठित संस्थान से सुरक्षा सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है।

2. जगह के मालिक और टेलीकॉम ऑपरेटर को म्यूनिसिपल ऑपरेटर से अनुमति लेनी होती है। इसमें शामिल होता है कि ऑनर ने सभी ज़रूरी अनुमतियां प्राप्त कर ली हैं या नहीं?

3. एक इनडेम्निटी बॉन्ड भी इसके लिए ज़रूरी होता है। इसमें टावर के आपात स्थिति में क्षतिग्रस्त होने पर हुए नुकसान की भरपाई का ज़िक्र होता है।

Credit: TelecomTalk

कितनी हो सकती है कमाई?

अब आते हैं उस पहलू पर, जिसका आपको अभी तक इंतज़ार था। दरअसल टावर का रेंट लोकेशन और प्रॉपर्टी की वैल्यू पर निर्भर करता है। यह रेंट 8,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक भी हो सकता है। मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में रेंट अमूमन बढ़ा हुआ होता है।

कुछ लोगों का कहना है कि रेंट की रेंज 5,000 रुपये से 10,000 रुपये रहती है। रेंट के लिए यूज़र टेलीकॉम ऑपरेटर से मोल-तोल भी कर सकते हैं। यूज़र कंपनी से आम तौर पर 5 साल के लिए लीज़ का सौदा करते हैं, जिससे 5 साल तक निर्बाध रूप से उन्हें कमाई होती रहती है।

उदाहरण के लिए अगर आपने अपने किसी खाली प्लॉट पर 5 साल के लिए टावर लगवाया और 7,500 रुपये मासिक रेंट तय हुआ। तो 5 साल में आप इससे साढ़े चार लाख रुपये कमा सकते हैं। यदि प्लॉट 5 साल तक खाली रहता तो उसमें घास-फूस ही जमा होती, यहां आपको 4,50,000 रुपये की रकम कुछ शर्तों के साथ मिल जाएगी।

(ध्यान रहे, हमने आपको टावर लगवाने से जुड़ी सलाह और सुझावों को आपकी रुचि के आधार पर समझाया है। टावर लगवाने की प्रक्रिया से पहले नियमों और शर्तों की पूरी जांच-पड़ताल अपने स्तर पर ज़रूर कर लें)

Share

वीडियो

Ad will display in 10 seconds