इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के निदेशक, वी रामगोपाल राव ने बताया कि क्यों आईआईटी जेईई की परीक्षा मुश्किल होती जा रही है। 

इस संबंध में राव से एक सवाल पूछा गया कि क्या आईआईटी जेईई के एडवांस प्रोग्राम पर कार्य कर रही है। इसका जवाब देते हुए, राव ने कहा कि स्नातक पाठ्यक्रम इस लिए कठिन हो गया है क्योंकि आईआईटी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर के विभिन्न आईआईटी संस्थानों में मात्र 40 फीसदी छात्र ही स्नातक की पढ़ाई पूरी करते हैं, बल्कि अन्य छात्र मास्टर और पीएचडी करना चुनते हैं। 

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार,राव ने कहा कि जेईई परीक्षा इसलिए भी कठिन होती जा रही है क्योंकि इसकी परीक्षा उम्मीद्वारों को चुनने के लिए नहीं अपितु उन्हें अयोग्य साबित करने के हिसाब से होती है। इस वजह से यह जटिल और कठिन है। उन्होंने कहा कि एक और दो अंको की वजह से भी छात्रों का रैंक हज़ारों पायदान नीचे पहुंच जाता है। 

राव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के लिए देश भर में स्नातक पाठ्यक्रम वाले बेहतर आईआईटी संस्थान खोलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब आप स्टैनफोर्ड के बारे में सोचते हैं, तो आप इसके स्नातक पाठ्यक्रमों के बारे में नहीं सोचते हैं। यद्यपि हमारे पास ज्यादा परास्नातक छात्र हैं और हमारा पूरा ध्यान स्नातक पाठ्यक्रम पर होता है।

राव से जब यह पूछा गया कि आईआईटी को अपने सुधार के बारे में क्यों सोचना चाहिए, तो इसके जवाब में राव ने कहा, “ऐसा इसलिए है क्योंकि मीडिया इन अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग को एक अलग तरीके से पेश करता है। आमतौर पर सरकार सार्वजनिक दबाव पर कार्य करती है।हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें पता है कि हम अच्छे हैं। स्नातक के स्तर पर आईआईटी पूरे विश्व में बेहतर है। लेकिन दुनिया भी हमें अच्छा कहे यह भी जरुरी है। रैंकिंग एजेंसियों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सभी रैंकिंग एजेंसियां प्राइवेट हैं और इस प्रक्रिया में वे पैसे बनाने का कार्य करती हैं। 

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