अमेरिकी-सिनों ट्रेड वार की मार चीनी ऑटो इंडस्ट्री पर पड़ी है। जिस वजह से इंडस्ट्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो 1990 से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।

एपोक टाइम्स के अनुसार, जून 2018 से ही चीनी ऑटो उद्योग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अक्टूबर 31 को सरकार के अधीन कार्यरत एक ऑनलाइन मीडिया झेजियांग (Zhejiang) ने चीनी पैसेंजर कार एसोसिएशन (Chinese Passenger Car Association) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा, एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में कारों की बिक्री में करीब 23 फिसदी तक गिरावट दर्ज की गई और अंदेशा लगाया जा रहा है कि आगामी दिनों में इसमें 20 फीसदी और गिरावट हो सकती है।

नोमुरा सिक्योरिटीज (Nomura Securities) के एक विश्लेषक का अनुमान है कि चौथी तिमाही में चीनी ऑटो बिक्री में 7.5 फीसदी की कमी आ सकती है और वार्षिक बिक्री की मात्रा 1.6 फीसदी नीचे जा सकती है। इंडस्ट्री में पेशेवरों का मानना है, चीनी ऑटो बाजार संकट के दौर से गुजर रहा है।

नयी कारों की बिक्री बढ़ाने कि लिए नेशनल डेवलपमेंट एण्ड रिफॉर्म कमिशन (National Development and Reform Commission) ने यात्री कारों के टैक्स में 10-5 प्रतिशत तक की कटौती की पेशकश की है लेकिन अभी भी इस नीति को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की आवश्यकता है।

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