हाल ही में यूरोप से इंडिया यात्रा कर रहे केरल के एक डॉक्टर ने एक विदेशी यात्री की उस वक्त जान बचाई जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा। और अब हाल ही में नागपुर से पुणे यात्रा कर रहे एक डॉक्टर ने अपने सहयात्री की जान ठीक इसी स्थिति में बचाई। यहाँ तक कि उन्हें बचाने के लिए डॉक्टर ने उन्हें शॉक भी दिया और तब कहीं जाकर उनकी सांसे और धड़कन चलनी शुरू हुई।

बेटर इंडिया के अनुसार, गो एयर ने जब नागपुर से पुणे के लिए उड़ान भरी उस वक्त विमान में कुल 120 यात्री थे और समय हो रहा था नौ बजकर पंद्रह मिनट। विमान ने करीब महज 20 मिनट की ही उड़ान भरी थी कि पीछे वाली सीट में हलचल सुनाई पड़ी। उसी विमान में पुणे के बी. जे. मेडिकल कॉलेज के सेंटर हेड उदय राजपूत अपनी पत्नी और एक अन्य जोड़े के साथ यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने जब यह आवाज सुनी तो पीछे मुड़कर देखा और पाया कि जाधव नामक यात्री को दिल का दौरा पड़ा है। एक महिला मेडिकल इमरजेंसी के लिए किसी क्रू स्टाफ को बुला रही थी। क्रू ने तुरंत पायलट को हालात से अवगत कराया और पायलट ने तुरंत किसी डॉक्टर को यात्री की जांच करने की  घोषणा की।

डॉ. राजपूत घोषणा सुनते ही मरीज के पास पहुंचे और जांच शुरू कर दी । जांच के दौरान पता चला कि जाधव की न तो सांसे चल रहीं हैं और न ही धड़कन। मतलब साफ़ था कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। यह देखकर डॉक्टर राजपूत ने उन्हें तुरंत सीपीआर दिया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिला। उन्होंने तुरंत मरीज को खुली जगह में ले जाकर शॉक देने का निर्णय लिया।

सभी एयरलाइन्स में इमरजेंसी मेडिकल किट होता है। उन्होंने क्रू से उसे लाने के लिए कहा। उन्होंने शॉक देने वाला उपकरण तैयार कर उन्हें शॉक दिया और फिर सीपीआर जारी रखा। कुछ ही देर बाद जाधव की सांसे और धड़कन दोनों चलने लगीं। उन्हें एक छोटे से ऑक्सीजन सिलेंडर पर रखा गया।

दस बजकर पंद्रह मिनट पर जब विमान पुणे में लैंड हुआ तो जाधव को तुरंत एयरपोर्ट के अस्पताल में भेजा गया और इस प्रकार डॉ. राजपूत ने एक परिवार की खुशियां छिनने से बचाई। वे खुश हैं कि उन्होंने किसी की जान बचाकर अपने डॉक्टर होने का फ़र्ज़ पूरा किया।

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