इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (electronic voting machines (EVMs)) में छेड़छाड़ की शिकायतों के मद्दनेज़र चुनाव आयोग ने वर्ष 2019 के चुनाव में वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट मशीन (Voter Verifiable Paper Audit Trail (VVPAT)) का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

न्यूज़ बाइट के अनुसार, यह मशीन मतदान के दौरान मतदाताओं को फीडबैक देती है कि उनका वोट संबंधित शख्स को गया है कि नहीं। ईवीएम के साथ एक स्वतंत्र वेरिफिकेशन प्रिंटर मशीन जुड़ा होता है, प्रत्येक मतदान के लिए यह उम्मीद्वार के नाम और चिन्ह के साथ एक खास पेपर स्लिप उपलबद्ध कराता है।

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Credit: Northeast now

उम्मीद की जा रही है कि VVPAT’s के परिणामों को इवीएम के साथ मिलाने से उसमें छेड़छाड़ हुई है या नहीं इसकी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

यह साबित करने कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, चुनाव आयोग ने जून 2017 में हैकिंग की चुनौती भी दी थी, और राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करके दिखाने को भी कहा था। हालांकि, ऐसा कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं कर पाई, लेकिन इससे भी संदेह दूर नहीं हुआ।

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Credit: The Asian Age

ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने में VVPATs अधिक भूमिका निभाएगी और मतदान प्रक्रिया में मतदाताओं का विश्वास फिर से स्थापित करेगा।

हालांकि, VVPATs का इस्तेमाल मात्र कुछ चुनावी चरणों में ही किया जाएगा। लेकिन मई 2017 में चुनाव आयोग ने एक नोट में कहा था, एक निश्चित प्रतिशत तक VVPATs की पर्चियों की गणना करेगा। इस संबंध में चुनाव आयोग जल्द ही एक उचित कार्यशैली तैयार करेगा।

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