जब यह ख़बर उभर कर सामने आई कि चीन (China) की सबसे बड़ी निजी रुप से संघटित-ऊर्जा कंपनी, सीईएफसी चाइना एनर्जी (CEFC China Energy) के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष की जांच चीनी अधिकारियों द्वारा की गई थी, तो कई लोगों ने यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया कि किस अपराध के कारण इसका पतन हुआ होगा।

न्यूयॉर्क (New York) शहर में अदालत के मामले से हाल ही में जारी किए गए सबूतों ने कुछ जानकारी प्रकट की है।

पिछले नवंबर, हांगकांग (Hong Kong) के व्यापारी पैट्रिक हो ची पिंग (Patrick Ho Chi Ping) को न्यूयॉर्क में गिरफ्तार किया गया था। संयुक्त राज्य (U.S.) न्याय विभाग ने आरोप लगाया था कि हो (Ho) ने शंघाई स्थित बेनामी ऊर्जा कंपनी के लिए व्यावसायिक लाभ संरक्षित करने हेतु चाड (Chad) और युगांडा (Uganda) में सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी थी।

वह कंपनी अब सीईएफसी चाइना एनर्जी (CEFC China Energy) होने का पता चला है।

इसके साथ ही हो (Ho) ने कैसे सीईएफसी की मदद की इससे संबंधी अन्य जानकारी, अदालत के दस्तावेजों में उद्घाटित हुई, जिन्हें हो की तीसरी ज़मानती याचिका की सुनवाई के लिए दर्ज किया गया था, प्रो-बीजिंग (Pro-Beijing) प्रकाशन, डीडब्ल्यू न्यूज़ (DW News) की एक रिपोर्ट के अनुसार। हो ने अपने आप को दोषी नहीं माना था और उनकी ज़मानत को दो बार गैर-मंज़ूर किया गया था।

रिश्वतखोरी का आरोप लगने के समय, हो सीईएफसी हांगकांग के गैर-सरकारी कोष समिति के उप-अध्यक्ष थे, सीईएफसी के पूर्व अध्यक्ष ये जियान्मिंग (Ye Jianming), द्वारा स्थापित एक संस्था और विचार मंच।

2014 में, हो (Ho) ने ये (Ye) और उनकी कंपनी को अफ्रीकी राष्ट्र के साथ व्यापार करने में मदद करने के इरादे से चाड के राष्ट्रपति इड्रिस डेबी (Idriss Déby) से मुलाकात की। यह बैठक पूर्व सेनेगल (Senegal) विदेश मंत्री शेख गाडियो (Cheikh Gadio), इस मामले के और एक अभियुक्त, द्वारा आयोजित की गई थी।

अगस्त 28, 2017 को फ्रांस के पेरिस में एलीसी पैलेस (Elysee Palace) में चाडियन राष्ट्रपति इड्रिस डेबी यूरोपीय संघ और अफ्रीकी नेताओं के साथ एक बैठक में भाग लेते हुए। (Pludovic Marin/AFP/Getty Images)

उस समय, चाड और चीन के राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनी चाइना नेशनल पेट्रोल कोर्पोरेशन (China National Petroleum Corporation), के बीच व्यापार असहमतियां थीं। हो ने इसके बजाए सीईएफसी के साथ काम करने की संभावनाओं की पेशकश की, और सीईएफसी को राष्ट्र में तेल खनन क्षेत्रों में विशेष अधिकार देने के बदले चाड में संरचनात्मक परियोजनाओं और बिजली घरों के लिए वित्तीय सहायता देने का वादा किया, दस्तावेजों के हवाले से, डीडब्ल्यू न्यूज़ के मुताबिक।

अदालत के अभियुक्त के अनुसार, गाडियो (Gadio) ने डेबी (Deby) को $2 मिलियन रिश्वत की पेशकश करने में हो की सहायता की, जिसके बदले हो ने गाडियो को US$400,000 दिए, ।

दस्तावेजों में खुलासा हुआ कि हो और अफ्रीकी अधिकारियों के बीच हुए ई-मेल (Email) के प्रतिदान से यह पुष्टि हुई है कि हो निश्चित तौर पर उस समय ये के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा, सीईएफसी के कार्यकारी निदेशक जांग जियांजुन (Zang Jianjun) ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वादा किया गया कि कंपनी डेबी को US$2 मिलियन देगी।

अप्रैल 28 के दक्षिणी चीनी मोर्निंग पोस्ट (China Morning Post) के अनुसार, अभियोक्ता द्वारा अदालत में पहले दायर किए गए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि शंघाई स्थित ऊर्जा कंपनी ने [हो के कानूनी अधिवक्ता] को “चुनने और वित्तीय सहायता में अहम भूमिका निभाई है,” दस्तावेजों के मुताबिक। हालांकि क़ागज़ात में कंपनी के नाम का खुलासा नहीं किया गया था, लेकिन सभी नई जानकारियों से पुष्टि होती है कि यह सीईएफसी था।

पृष्ठभूमि

इससे पहले, द इपोक टाइम्स (The Epoch Times) ने बताया था कि ये (Ye)—जिन्होंने मार्च में पद छोड़ा था—उन्होनें चीनी सेना के साथ संबंध स्थापित किए थे। हांगकांग मीडिया, जैसे कि अखबार ऐप्पल डेली (Apple Daily), ने लम्बे समय से अनुमान लगाया था कि कुछ सैन्य अधिकारियों के साथ उनके क़रीबी रिश्तों से साफ जाहिर होता है कि वह उनके लिए अवैध धन को वैध बनाने का काम करते थे।

अफ्रीका (Africa) में निवेश करना चीन की वन बेल्ट वन रोड (One Belt, One Road) पहल का भी एक प्रमुख हिस्सा रहा है, जिससे शासन संपूर्ण अफ़्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप (Europe) में संरचनात्मक परियोजनाओं के माध्यम से भू-राजनीतिक प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

सीईएफसी के स्वामित्व और वित्तपोषण में पारदर्शिता की कमी हाल ही में जांच के दायरे में आई है, जिसकी कुछ जानकारी, खुलासा करने वाले प्रकाशन चीनी व्यापार पत्रिका, कैक्सिन (Caixin) में उद्घाटित हुई थी।

द इपोक टाइम्स की अनुमति से प्रकाशित।

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