गुरुवार को भारतीय रिज़र्व बैंक ने घोषणा की कि जल्द ही वह एक सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (central bank digital currency) लॉन्च करने की सम्भावना पर सोच विचार कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, रिज़र्व बैंक के दो दिवसीय मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (Monetary Policy Committee (MPC) के समापन के अवसर पर डिप्टी गवर्नर बीपी कनुंगो (B P Kanungo) ने कहा, “हालांकि कई केंद्रीय बैंक अभी भी बहस में लगे हुए हैं, रिज़र्व बैंक द्वारा अंतर-विभागीय समूह बनाया गया है, जो केंद्रीय डिजिटल करेंसी लागू करने के लिए अध्ययन और उसकी वांछनीयता और व्यवहारिता के लिए मार्गदर्शन करेंगे। 

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यह तर्क दिया गया !

सेंट्रल डिजिटल करेंसी को लोगू करने के पीछे भारतीय रिज़र्व बैंक का तर्क है, तकनीकी नवाचार, जिसमें वर्चुअल करेंसी भी शामिल है, जिसमें वित्तीय प्रणाली की कार्यक्षमता और समाविशिष्ट को सुधारने की दक्षता होती है।

निर्देश भी दिया गया!

हालांकि, बैंक की तरफ से बैंक और विनियमित संस्थाओं को वर्चुअल करेंसी के माध्यम से व्यक्तिगत या फिर व्यवसायिक लेन-देन नहीं करने का निर्देश भी दिया है।

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आगाह भी किया है!

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि, “बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी धारकों, उपभोक्ताओं और व्यापारियों को भारतीय रिज़र्व बैंक निरंतर इससे संबंधित खतरे से आगाह करता रहता है। विनियमित संस्थाएं, जो पहले से ही ऐसी सेवाएं प्रदान करती हैं, वे तय समय के भीतर इस सम्बन्ध से बाहर निकल जायेंगी।”

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