प्रधानंमत्री नरेन्द्र मोदी ने कटिहार और पुरानी दिल्ली के बीच आज एक रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया और मधेपुरा की एक लोको फैक्ट्री को देश को समर्पित किया। साथ ही, बिहार में रेल पटरी की दोहरीकरण परियोजना की अधारशिला रखी।

मोदी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने यहां आए थे। उनका मकसद स्वच्छ भारत का संदेश फैलाना है।

प्रधानंमत्री ने रेल के मुजफ्फरपुर-सगौली (100.6 km) तथा सगौली – वाल्मीकिनगर खंड (109.7 km) के दोहरीकरण परियोजना की नींव रखी। कटिहार और पुरानी दिल्ली के बीच चंपारण हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन को तथा मधेपुरा फैक्ट्री में निर्मित पहले 12,000 हॉर्स पावर फ्रेट इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। मोदी ने फैक्ट्री के पहले चरण को देश को समर्पित किया।

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की ओर से 2018 फरवरी को स्वीकृत दोनों खंडों मुजफ्फरपुर – सगौली तथा सगौली – वाल्मीकिनगर का निर्माण 2,401 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से किया जा रहा है तथा ये मुजफ्फरनगर , पूर्वी चंपारण तथा पश्चिमी चंपारण जिलों को कवर करेंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार चंपारण हमसफर एक्सप्रेस उत्तरी बिहार की जनता को तेज , सुरक्षित तथा आरामदेह यात्रा मुहैया कराएगी। यह रेलगाडी़ सप्ताह में दो दिन, मंगलवार तथा शुक्रवार को चलेगी तथा 1,383 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

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