चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष समापन समारोह के कार्यक्रम में बिहार गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान में बिहार सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि, 100 वर्ष पहले का इतिहास खुद को दोहरा रहा है और चंपारण की इस पवित्र भूमि से स्वच्छता एवं स्वच्छाग्रहियों के जन आंदोलन की तस्वीर पेश कर रहा है। 

‘‘चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह’’ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मुझे गर्व है कि सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक की इस यात्रा में बिहार के लोगों ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई ।’’ उन्होंने कहा कि यह लोगों की इच्छाशक्ति ही है कि पिछले एक हफ्ते सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह सप्ताह मनाया गया है और इस दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में लगभग 26 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में देश में साढे तीन सौ से ज्यादा जिले और साढे तीन लाख से ज्यादा गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा तट के किनारे बसे गांवों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त बनाया जा रहा है। इन गांवों में कचरा प्रबंधन की योजनाएं लागू की जा रही हैं ताकि कचरा नदी में न बहाया जाए। जल्द ही गंगा तट खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।

मोदी ने कहा कि पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में यह बात सामने आयी कि जिन घरों में शौचालय होता है उस परिवार का साल भर में औसतन 50 हजार रूपये बचते हैं वरना यही राशि बीमारियों के इलाज में खर्च हो जाती हैं।

स्वच्छता कार्यक्रम में बिहार सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि बिहार एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां स्वच्छता का दायरा 50 प्रतिशत से कम था। लेकिन मुझे बताया गया कि एक हफ्ते के स्वच्छाग्रह अभियान के बाद बिहार ने इस बाधा को तोड़ दिया । पिछले एक हफ्ते में बिहार में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ यह गति और प्रगति कम नहीं है । मैं बिहार के लोगों को, प्रत्येक स्वच्छाग्रही को और राज्य सरकार को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जो लोग कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता नहीं है, वो यहां आकर देख सकते हैं कि कैसे 100 वर्ष पहले का इतिहास आज साक्षात हमारे सामने खड़ा है । चंपारण की इस पवित्र भूमि पर जनआंदोलन की ऐसी ही तस्वीर सौ वर्ष पहले दुनिया ने देखी थी और आज एक बार फिर लोग देख रहे हैं । ’’

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का मिशन हो, या कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई हो या फिर आमजन से जुडी सुविधाओं का विकास हो केंद्र सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।

बिहार से विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लगभग 900 करोड़ रुपए की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का शिलान्यास किया गया है । औरंगाबाद से चोरदहा का जो खंड अभी 4 लेन का है, उसे 6 लेन बनाने का काम आज से शुरू हो रहा है । यह परियोजना बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों के लोगों के लिए उपयोगी होगी ।

मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के 67 वर्षों में जितनी स्वच्छता थी उससे दोगुना से ज्यादा केंद्र की वर्तमान राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान हासिल कर ली गयी है।

मोदी ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह के सौ वर्ष के अवसर पर आधुनिक सुविधाओं वाली एक नई ट्रेन का शुभारंभ किया गया है। यह ट्रेन कटिहार से पुरानी दिल्ली तक चलेगी। इसका नाम विशेष रूप से चंपारण हमसफर एक्सप्रेस रखा गया है । यह ट्रेन दिल्ली आने-जाने में आपके लिए बहुत मददगार साबित होगी ।

उन्होंने कहा कि आज मधेपुरा में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री के फेज वन का भी लोकार्पण किया गया है। यह फैक्ट्री न केवल मेक इन इंडिया का उत्तम उदाहरण है बल्कि इस क्षेत्र में रोजगार का भी बड़ा माध्यम बन रही है।

परियोजना में विलंब का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस परियोजना को 2007 में मंजूरी दी गई थी। उसके बाद 8 साल तक इसकी फाइलों में गति नहीं आ पाई । 3 साल पहले राजग सरकार ने इस पर काम शुरू करवाया और अब पहला फेज पूरा भी हो गया है ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें मोतिहारी झील के जीर्णोद्धार की परियोजना भी है । चंपारण के इतिहास का अहम हिस्सा रही इस झील के नाम पर ही मोतिहारी शहर का नाम है। इस झील के पुनरुद्धार का कार्य आज से शुरु हो रहा है ।

पानी से स्वच्छता का संबंध रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि बेतिया को पीने के साफ पानी के लिए जूझना ना पड़े, इसके लिए अमृत योजना के तहत तकरीबन 100 करोड़ रुपए की लागत से जल आपूर्ति परियोजना का शिलान्यास किया गया है। डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि घर या फैक्ट्री के गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए बिहार में अब तक 3 हजार करोड़ से ज्यादा के 11 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है। इस राशि से 1100 किलोमीटर से भी लंबी सीवेज लाइन बिछाने की योजना है । उन्होंने कहा कि स्वच्छ ईंधन पर जोर और उज्जवला योजना की सफलता की वजह से रसोई गैस सिलेंडर की मांग भी बढ़ी है। चंपारण और आसपास के लोगों को गैस सिलेंडर की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए मोतिहारी और सुगौली में एलपीजी संयंत्र लगाने की परियोजना का शिलान्यास आज किया गया है।

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