उत्तर कोरिया तीन कैदी अमेरिकियों को मुक्त करेगा: रिपोर्ट

Share
CIA के निदेशक माइक पोम्पेओ (Mike Pompeo) उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन (Kim Jong Un) से वर्ष 2018 के इस्टर की छुट्टी के दौरान (मार्च 30 - अप्रैल 2) उत्तर कोरिया की राजधानी पियोंगयॉंग (Pyongyang) में मिले। (The White House)
कोरियाई मिडिया नावेर (Naver) के अनुसार, उत्तर कोरिया में कैद तीन कोरियाई अमेरिकी कैदियों को संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प एवं उत्तर कोरिया के साम्यवादी तानाशाह शासक किम जोंग उन के बीच होनेवाली आगामी मुलाकात से पहले या मुलाकात के दौरान छोड़ दिए जाएँगे।
कैदियों के परिवार के प्रतिनिधि च्वॉय संग रियोंग (Choi Sung-ryong) को एक उत्तर कोरियाई स्रोत ने बताया कि कैदियों को एक बँधुआ मजदूर कैम्प से पियोंगयॉंग के बाहर एक होटल में पहले ही भेज दिया गया है जहां वे इलाज एवं “शिक्षा” प्राप्त कर रहे हैं।

कैदियों के नाम क्रमशः किम दॉंग चेओल (Kim Dong-cheol, अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार), किम सैंग-देओक (Kim Sang-deok, अप्रैल 2017 में गिरफ्तार) तथा किम हाक-सेओंग (मई 2017 में गिरफ्तार) हैं।

नावेर ने लिखा है कि, “कैदियों का इलाज किया जा रहा है क्योंकि कैद के दौरान उनकी स्थिति थोड़ी बिगड़ी हुई लग रही थी।”

यदि उत्तर कोरिया इस मुक्ति को एक अच्छे संकेत के रुप में प्रयुक्त करना चाहती है तो इसका आशय यह भी हो सकता है कि पिछले साल उत्तर कोरिया के एक जेल से कोमा की स्थिति में मुक्त हुए एक अमेरिकी कॉलेज विद्यार्थी ओतो वार्मबिर (Otto Warmbier), जो कि एक सप्ताह बाद ही मर गए थे, की मुक्ति के बाद हुए विरोध प्रदर्शन से बचना चाहती है।

उत्तर कोरिया अब मुक्त कैदियों को अमेरिका को सौंपने का रास्ता ढूँढ रही है। यह संभवतः ट्रम्प के साथ होनेवाले मिटिंग जो कि तीन-चार सप्ताह बाद होनेवाला है, के दौरान होगा।

किम दॉंग-चेओल दक्षिण कोरिया में जन्मे एक व्यापारी हैं जो बाद में अमेरिकी नागरिक बन गए हैं। अक्टूबर 2015 में जासूसी के लिए गिरफ्तार  होने से पहले तक वो चीन में उत्तर कोरिया की सीमा के निकट रहते थे। बीबीसी ने बताया कि मार्च 2016 में, उन्होंने उत्तरी कोरिया सरकार द्वारा संचालित टेलिविजन पर दक्षिण कोरिया की ओर से जासूसी करने के लिए माफी माँगी। कालांतर में कठोर दंड की ओर अग्रसारित करने वाले उत्तर कोरियाई नियमों के अनुसार उन्हें दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

किम संग-देओक उत्तर कोरिया की सीमा के निकट चीन के यानबिआन युनिवर्सिटी ऑफ साइंस एण्ड टेक्नॉलोजी (Yanbian University of Science and Technology) में बहीखाता (accounting) पढ़ाते थे।

Kyodo News ने बताया कि वे पियोंगयॉंग यूनिवर्सिटी (Pyongyang University of Science and Technology) में एक लेक्चरर के रुप में गए थे और देश छोड़ते समय गिरफ्तार कर लिए गए।

क्योदो न्यूज़ ने बताया कि किम हाक-सेओंग गिरफ्तार होने से पहले उसी पियोंगयॉंग विश्वविद्यालय में काम करते थे।

इन तीनों की मुक्ति ट्रम्प की एक और जीत होगी, जिन्हें दक्षिण कोरियाई एवं जापानी अधिकारियों द्वारा उत्तर कोरिया के साथ ऐतिहासिक पहल के लिए बधाई दी जा रही है।

दक्षिण एवं उत्तर कोरियाई नेता अप्रैल 26 को दोनों देशों को विभाजित करनेवाली रेखा पर मिले एवं शांति के लिए कार्य करने तथा कोरियाई प्रायदीप को सम्पूर्ण रुप से निःपरमाणुकरण करने पर सहमत हुए।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए-इन ने कहा, “ट्रम्प को अपने प्रयास के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए।” इसके बाद संयुक्त राज्य के 18 विधिनिर्मातओं ने पुरस्कार के लिए ट्रम्प को औपचारिक रुप से नामांकित किया है। .

पत्र में लिखा गया है, “उनके प्रशासन ने सफलतापूर्वक, चीन सहित, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अब तक के इतिहास में सार्वाधिक सफल अंतर्राष्टीय प्रतिबंध लगाने के लिए एकमत कर लिया,” पत्र में लिखा था। “प्रतिबंध ने उत्तर कोरियाई अर्थव्यवस्था को व्यापक रुप से क्षति पहुँचाई एवं उत्तर कोरिया को बातचीत करने के लिए बाध्य करने का श्रेय भी इसी प्रतिबंध को दिया जाता है।”

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds