सीबीएसई की 10वीं कक्षा की परीक्षा में यहां के सनसिटी स्कूल की एक छात्रा अनुष्का पांडा ने 97.8 प्रतिशत अंकों के साथ देश में दिव्यांग श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

स्कूल के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस मौके पर अनुष्का ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मेरे कठिन परिश्रम का इनाम मिला है। यह मेरे लिए वास्तव में एक बड़ा क्षण है। मैं नतीजे आने के पहले काफी नर्वस थी।

अनुष्का रीढ़ की बीमारी, स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉपी से ग्रस्त हैं। यह ऐसी अनुवांशिक बीमारी है, जिससे रीढ़ की हड्डी की मोटर नर्व कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। इससे रोगी को चलने-फिरने समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

व्हीलचेयर पर आश्रित होने के बावजूद 14 वर्षीय अनुष्का ने यह सफलता हासिल की।

अपनी सफलता के बारे में अनुष्का ने कहा, मैं पहले दिन से ही अपनी पढ़ाई में निरंतर लगी हुई थी। मैं अपने विद्यालय को धन्यवाद देती हूं, जिसने मेरी काफी मदद की। मैं दिव्यांग हूं, इसलिए मेरे विद्यालय ने यह सुनिश्चित किया कि मुझे परीक्षा में लिखने के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएं।

सनसिटी स्कूल की प्रधानाध्यापक रूपा चक्रवर्ती ने कहा, हमें अनुष्का पर काफी गर्व है।

उन्होंने कहा, जिस तरह का फोकस उसके पास है, वैसा दूसरे बच्चे में दुर्लभ है। वह काफी प्रतिबद्ध है और किसी भी बाधा को अपने ऊपर हावी होने नहीं देती है और उसके मानदंड काफी ऊंचे हैं। वह हम सभी के लिए प्रेरणा है। उसने जो हासिल किया है, कई छात्र सभी संसाधनों के बावजूद वह हासिल नहीं कर पाते।

वहीं अनुष्का के पिता अनूप कुमार पांडा ने कहा, मुझे मेरी बेटी पर गर्व है। बोर्ड परीक्षा में उसका बेहतरीन प्रदर्शन उसकी प्रतिबद्धता और ढृढ़ता का प्रमाण है।

सेक्टर 67 में रहने वाली अनुष्का को शतरंज खेलना पसंद है और वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है।

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