तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह ईरान में भारतीय दूतावास को वहां फंसे 21 भारतीय मछुआरों को वापस लाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दें।

मोदी को लिखे पत्र में, पलनीस्वामी ने कहा कि ईरान में 21 मछुआरों को नौकरी पर रखने वाले मोहम्मद सालेह और उसके भाई ने इनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है, जिससे वे वहां फंस गए हैं।

उन्होंने कहा, “मैं आपसे ईरान में भारतीय दूतावास को इन गरीब निर्दोष भारतीय मछुआरों को तत्काल वहां से निकालने के लिए निर्देश देने का आग्रह करता हूं। मछुआरों को उनके बकाया मजदूरी को भी देने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए।”

पलनीस्वामी ने कहा कि तमिलनाडु के मछुआरों को मोहम्मद सालेह और उसके भाई के पास छह से ज्यादा महीनों से नौकरी कर रहे थे।

पलनीस्वामी ने कहा, हाल के समय में, रोजगार के नियमों के अनुसार, ईरानी मालिक ने मछुआरों को उनका हिस्सा नहीं दिया। इसलिए ये मछुआरे अपनी जीविका चलाने और पैसे घर भेजने मे असमर्थ हो गए।

पलनीस्वामी ने कहा कि अपने पैसे वापस पाने की आस छोड़ मछुआरों ने मालिक से वापस भारत भेजने के लिए कहा, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया गया।

पलनीस्वामी ने कहा, यह रिपोर्ट मिली है कि इन मछुआरों के पासपोर्ट को सालेह और उसके भाई ने जब्त कर लिया है। वे न तो इन्हें अपना काम पूरा करने और न ही भारत वापस जाने दे रहे हैं। इसके अलावा सालेह ने इन्हें इनके आवासों से निकाल दिया और ये लोग बिना किसी सुविधा के वहां रह रहे हैं।

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