भारत में नदियों को मां का दर्जा प्राप्त है। खास कर गंगा नदी को बहुत ही पवित्र माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका पानी तो महत्वपूर्ण है ही, धार्मिक दृष्टिकोण से भी गंगा की अलग ही महत्ता है और शायद यही वजह है कि सरकार इसे साफ रखने का हर संभव प्रयास कर रही है।नेशनल मिशन फॉर क्लिन गंगा (NIMCG) के माध्यम से सरकार गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने की कोशिश कर रही है। 

पीआईबी के अनुसार, एक महीनों तक चलने वाले राफ्टिंग अभियान के लिए हाल ही में एनएमसीजी ने टाटा स्टील एड्वेंचर फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। 40 सदस्यों वाली इस टीम का प्रतिनिधित्व, माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली भारत की पहली महिला बछेंद्री पाल करेंगी। अक्टूबर 5 से उत्तराखण्ड के हरिद्वार से इस राफ्टिंग अभियान की शुरुआत होगी, जो बिजनौर, फर्रुखाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और बक्सर जैसे आठ शहरों से होते हुए 1500 किमी की दूरी तय कर अक्टूबर 30 को समाप्त होगी।

टीम को वीडियो मैसेज के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “नमामि गंगे मिशन,” गंगा को स्वच्छ रखनेकी जी तोड़ मेहनत कर रही है। सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर, घाटों की सफाई और नदी के सतहों की सफाई आदि जैसी परियोजनाओं के माध्यम से गंगा को साफ रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने और साकार होने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है।

मिशन गंगे टीम की प्रतिनिधित्व कर रहीं बछेंद्री पाल ने कहा, “हमारा यह अभियान भारत सरकार के “नामामि गंगे मिशन” से प्रेरित है, जो कि गंगा को साफ रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” पाल ने यह भी कहा कि गंगा देश की लाखों देश वासियों की जीवनदायनी है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना और चार साल पूर्व शुरु की गई सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के प्रति लोगों को जागरुक करना है।

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