भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) को शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सामूहिक रूप से विदेशों में रहने वाले भारतीय शिक्षकों से बातचीत करने को कहा गया है। सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी संसद को दी।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में कहा कि उनके मंत्रालय द्वारा आईआईटी को दुनियाभर से उत्तम शिक्षकों की तलाश करने के लिए बातचीत करने को कहा गया है।

राज्यसभा में एक सदस्य ने पूछा कि शिक्षकों की कमी दूर करने को लेकर सरकार क्या कर रही है।

उन्होंने कहा, हमारे विद्यार्थी दुनिया में उत्तम हैं और असली समस्या शिक्षकों की है। इसलिए हमने फैसला लिया है कि सभी आईआईटी और केंद्रीय संस्थान मिलकर दुनियाभर से अच्छे शिक्षकों की तलाश करें और इसके लिए विज्ञापन दें। साथ ही इच्छुक लोगों को शिक्षण के पेशे में आने के लिए आमंत्रित किया जाए।

उन्होंने कहा, अगले महीने आईआईटी परिषद की बैठक होगी। सभी आईआईटी संयुक्त रूप से सामूहिक प्रयास से अच्छे एनआरआई और ओसीआई शिक्षकों की तलाश करके उनकी सेवा लेंगे। हम उनको परामर्श सेवा प्रदान करने की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे।

जावड़ेकर कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। रमेश ने बताया कि आईआईटी दिल्ली में 40 फीसदी शिक्षकों की कमी है जबकि आईआईटी बंबई में 38 फीसदी शिक्षकों की कमी है।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds