केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ ने महानदी में पानी का प्रवाह घटा दिया है, जिसकी वजह से ओडिशा को गैर मानसून के महीनों में जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि महानदी के निचले जलग्रहण क्षेत्र में जल प्रवाह पर असर पड़ा है। ऐसा छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी क्षेत्र में बैराजों के निर्माण की वजह से हुआ है।

मंत्री भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर संबलपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को छत्तीसगढ़ सरकार पर ओडिशा के लिए पानी छोड़ने का दबाव बनाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है।

प्रधान ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत है और मैं ओडिशा के मुख्यमंत्री से इस संदर्भ में कदम उठाने का आग्रह करता हूं। मैं इसके लिए निजी तौर पर समर्थन देता हूं और केंद्र हमेशा मुद्दे को हल करने में मदद करेगा।’

उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने निचले जलग्रहण क्षेत्र में हीराकुंड जलाशय में जल संचय के लिए किसी तरह प्रावधान नहीं किया है, जिसके परिणाम स्वरूप जल समुद्र में जा रहा है।”

दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने कहा कि केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ की सरकार पर ओडिशा के लोगों के लिए पानी छोड़ने का दबाव डालना चाहिए।

बीजद के राज्यसभा सांसद प्रसन्ना आचार्य ने कहा, केंद्रीय मंत्री अपने अंत:करण से इसे स्वीकार करने के लिए नहीं बल्कि ओडिशा में लोगों के जनादेश से बाध्य हुए हैं।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने कहा, यही वह बात है जो कांग्रेस और ओडिशा का हर व्यक्ति लगातार कह रहा है। भाजपा ने महानदी के ओडिशा के हिस्से को छीन लिया और बीजद ने चुपचाप लूट में समर्थन देकर ऐसा करने में उनकी मदद की। ओडिशा में सत्ता के लिए बीजद व भाजपा के हाथ मिलाने के बाद से ऐसा हो रहा है।

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