कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के दो दिन बाद सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होने पर विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस का कहना है कि कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर तेल के दाम रोक कर रखे गए थे, और मतदान पूरे होते ही कीमत बढ़ा दी गई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया, कर्नाटक में मतदान संपन्न। ईंधन के भाव चार साल के शिखर पर पहुंच गए। मोदीनॉमिक्स का प्रमुख सिद्धांत : जितने लोगों को मूर्ख बना सको, उतने को बनाओ, जितनी बार आप बना सकें बनाइए।

तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने 19 दिनों के इंतजार के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। नई दरें सोमवार से लागू हैं। नई दरों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 74.80 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 77.50 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 82.65 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 77.61 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

नई दरें लागू होने के बाद डीजल दिल्ली में 66.14 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 68.68 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 70.43 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 69.79 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

इससे पहले 24 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई थी। जब पेट्रोल दिल्ली में 74.63 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 77.32 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 82.48 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 77.43 रुपये प्रति लीटर हो गया था।

24 अप्रैल को डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में डीजल 65.93 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 68.63 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 70.20 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 69.56 रुपये प्रति लीटर हो गया था।

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत सितंबर 2013 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। पेट्रोल के साथ डीजल की कीमत भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होने पर पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, पेट्रोल और डीजल पर और कर लगाए जाएंगे और उपभोक्ताओं पर और बोझ बढ़ेगा। कर्नाटक चुनाव के कारण ही विराम रहा।

हालांकि आईओसी के चेयरमैन संजीव सिंह ने आठ मई को कहा था कि उपभोक्ताओं की घबराहट दूर करने के मकसद से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में इजाफा होने के बावजूद गतिशील पेट्रोल और डीजल के मूल्य में कुछ समय के लिए बढ़ोतरी स्थगित कर दी गई है।

उन्होंने कहा, हमने कीमतों में बढ़ोतरी की जरूरत होने पर भी अस्थाई तौर पर खुदरा मूल्य में अस्थाई रूप से नरमी रखी, क्योंकि हमारा मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल उत्पाद की कीमतों को फंडामेंटल सपोर्ट नहीं मिल रहा है। इसलिए हमने कुछ समय इंतजार करने का फैसला लिया। दरअसल, इससे उपभोक्ताओं में घबराहट पैदा होती।

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