प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को ₹13,400 करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी समेत 23 के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, जिसमें मोदी के पिता, बहन व साले के भी नाम हैं।

यह घोटाला साल 2011 से 2017 के बीच किया गया है, जिसमें अवैध रूप से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिग (एलओयूज) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसीज) जारी कराए गए थे।

आरोपपत्र या अभियोजन की शिकायत करीब 12,000 पन्नो की है। इसे मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल किया गया। इस आरोपपत्र में नीरव मोदी, उसकी बहन पूर्वी मेहता, साला मैनक मेहता, भाई निशाल मोदी, संबंधी नेहल मोदी, पिता दीपक मोदी और 18 अन्य आरोपित हैं।

नीरव मोदी की तीन कंपनियों – सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टीलर डायमंड और डायमंड आर यूएस ने धोखाधड़ी से पीएनबी के मुंबई की ब्रैडी हाउस शाखा से ₹6,498 करोड़ के एलओयूज हासिल किए थे। आरोपपत्र में इन कंपनियों के भी नाम हैं।

आरोपपत्र में कहा गया है कि इन कंपनियों ने घोटाले से रकम निकालकर उसका इस्तेमाल कई विदेशी कंपनियों को भुगतान करने तथा पहले के निकाले गए एलओयू का भुगतान करने के लिए किया।

हीरा व्यापारी पीएनबी द्वारा शिकायत दर्ज कराने के एक महीने पहले ही अपने परिवार के साथ देश छोड़कर फरार हो गया। पीएनबी ने उसके खिलाफ फरवरी 29 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरोपपत्र में कहा गया कि जांच से खुलासा हुआ कि आरोपियों ने हांगकांग, दुबई और अमेरिका में 2011 से आयात और निर्यात के नाम पर डमी कंपनियों का गठन किया था और उसके माध्यम से पैसों का गबन करते रहे।

यह भी कहा गया है कि इन कंपनियों के निदेशक और शेयरधारक भी डमी ही थे, जिसे नीरव की फायरस्टार ग्रुप ऑफ कंपनीज ने तैनात किया था। वे नीरव और उसके भरोसेमंद अधिकारियों श्यामसुंदर वाधवा, आदित्य नानावटी, मिहिर भंसाली और संजू पाउलुस के निर्देश पर काम करते थे।

Share

वीडियो

Ad will display in 10 seconds