जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की कार्यकारिणी परिषद ने देश की राजधानी के बाहर सैटलाइट कैम्पस शुरू करने की संभावना को तलाशने के लिए सोमवार को प्रस्ताव पारित किया। जेएनयू प्रशासन ने कहा कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल्स (Central Civil Services Rules) को जेएनयू के अध्यादेश में शामिल नहीं किया गया है।

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Mukul Anand (@anandmuku.18) on

इसका जेएनयू टीचर्स असोसिएशन ने स्वागत किया। जेएनयू के रजिस्ट्रार ने बताया कि कार्यकारिणी परिषद ने वाइस चांसलर को दिल्ली से बाहर सैटलाइट कैम्पस स्थापित करने की संभावनाओं की तलाश के लिए आयोग का गठन करने और इस संबंध में उपाय सुझाने का अधिकार दिया है।

उन्होंने कहा, “जेएनयू ऐक्ट, 1966 के तहत विश्वविद्यालय को दिल्ली के अंदर और बाहर ऐसे स्पेशल सेंटर, विशेष प्रयोगशालाओं तथा शोध के लिए अन्य इकाई शुरू करने का अधिकार है, इसके विस्तार के लिए निर्देश आवश्यक हैं।” यह आयोग कैम्पस के संभावित लोकेशन की तलाश करेगा और इसकी वित्तीय संभावनाओं को भी देखेगा।

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Dipalay Dey (@dipalay) on

सैटलाइट कैम्पस में प्रोफेशनल कोर्स पर ध्यान दिया जाएगा और साथ ही बायो-इन्क्युबेटर और इंडस्ट्री संचालित लैब स्थापित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। विश्वविद्यालय साथ ही विभिन्न स्रोतों से वित्तीय मदद की संभावनाओं को भी तलाशेगी।

Share

वीडियो