काफी राजनीतिक उठापटक के बाद आखिर श्रीलंका में प्रधानमंत्री पद के लिए चलने वाली जद्दोजहद थमते नजर आ रही है। श्रीलंका के विवादित प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने संसद में रानिल विक्रमसिंघे के द्वारा बहुमत साबित कर देने के बाद प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया है।

 

नवभारत टाइम्स के अनुसार, इसी वर्ष अक्टूबर 26 को राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरिसेना ने तत्काल प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे को पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके कारण श्रीलंका में एक अजीब तरह की राजनीतिक असंतोष पैदा हो गया था। श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के इस कदम को अवैध करार देत हुए खारिज कर दिया था।

बुधवार को संसद में विश्वास प्रस्ताव जारी किए गया जिसमें विक्रमसिंघे को 225 में से 117 वोट मिले। इस प्रकार विक्रमसिंघे ने अपना विश्वास मत प्राप्त किया और मजबूरन महिंद्रा राजपक्षे को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन कहा जा रहा है कि सिरिसेना का रास्ता अभी भी पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा कि वे सोमवार तक नए प्रधानमंत्री और कैबिनेट का चयन करेंगे लेकिन विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे।

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