हाल ही में, जापान (Japan) में एक निजी उच्च विद्यालय ने एक-साथ जापानी और चीनी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है: इसके छात्रों ने नए सत्र की शुरुआत में किए गए समारोह में चीन (China) का राष्ट्रगान गाया। साथ ही प्रधानाचार्य ने समारोह के दौरान छात्रों को चीनी भाषा में संबोधित किया।

जापानी प्रसारणकर्ता एनएचके (NHK) ने अप्रैल 24 को बताया कि जापान में मियाज़ाकी (Miyazaki) प्रशासक प्रांत में एबिनो (Ebino) शहर का एक निजी उच्च विद्यालय एक दशक से अधिक समय से स्थानीय लोगों की निम्न नामांकन दर के कारण, चीन से छात्रों को भर्ती कर रहा है।

अब, विद्यालय में 167 चीनी छात्र है और सिर्फ 16 जापानी छात्र है, लगभग 9:1 का अनुपात, रिपोर्ट के अनुसार।

समारोह के दौरान, विद्यालय ने चीनी छात्रों को खड़े होने और “मार्च ऑफ द वोलंटियर” (March of the Volunteers) नामक राष्ट्रगान गाने को कहा।

यह गीत मूल रूप से 1935 की चीनी वामपंथी फिल्म “चिल्ड़्रेन ऑफ द स्ट्रौम” (Children of the Storm) से लिया गया है। यह एक सैन्य मार्च था जो चीनी सैनिकों को मंचूरियन (Manchurian) घटना के बाद जापान के विरुद्ध लड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है और उनकी प्रशंसा करता है, एक ऐसी घटना जिसके बाद जापान ने अतिक्रमण किया और 1931 में पूर्वोत्तर चीन पर क़ब्जा किया।

अगस्त 24, 2017 को दक्षिण पश्चिमी जापानी ओइता में ओइता होफू उच्चतर विद्यालय (Oita Hofu High School) की तस्वीर। (Kyodo News via Getty Images)

एनएचके (NHK) ने बताया कि कई जापानी उच्च विद्यालय राष्ट्र की घटती जन्म दर के कारण छात्रों की संख्या में कमी का सामना कर रहे हैं। 2017 में, जापान में जन्म दर 1899 से बाद के आंकड़ों में बहुत ही कम हो गई, लगभग 941,000 नए शिशु, 2016 से चार प्रतिशत कम। इसलिए कुछ विद्यालयों ने सक्रिय रूप से चीन से छात्रों को भर्ती करना शुरू कर दिया है।

ड्यूक (Duke) विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक मानव-शास्त्र के प्राध्यापक एन एलिसन (Anne Allison) ने इस घटना के प्राथमिक कारण के तौर पर आर्थिक असुरक्षा का हवाला दिया है। साथ ही अच्छी नौकरियों की कमी के कारण, अधिक से अधिक युवा शादी न करने और परिवार नहीं बसाने का विकल्प चुनते हैं। चार पुरूषों में से एक और सात महिलाओं में से एक ने अपने जीवनकाल में कभी शादी नहीं की है, 2015 में राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार।

एबिनो (Ebino) उच्च विद्यालय की प्रधानाचार्य ने एनएचके (NHK) को बताया कि वह परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। “चीन हमारा सबसे निकटतम देश है। अगर हम चीनी छात्रों को यहां अध्ययन करने के लिए आकर्षित करेंगे, तो विद्यालय क्रियाशील रह सकता है।”

चीनी छात्रों को आकर्षित करने के लिए, उसे चीन की शिक्षा-प्रणाली की ही तरह अधिक परीक्षा-उन्मुख बनाने के लिए, विद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। परिवर्तनों के आशाजनक परिणाम निकले हैं—पिछले सात सालों से लगातार, सौ प्रतिशत उच्च विद्यालय के छात्र स्नातक हुए हैं और विश्वविद्यालयों में स्वीकार किए गए हैं। उनमें से कई ने प्रतिष्ठित जापानी विश्वविद्यालयों, जैसे की टोक्यो (Tokyo) और वासेडा (Waseda) विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया है, एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार।

निम्न जन्म दर के कारण, जापान में युवाओं की आबादी कम हो रही है। मियाज़ाकी (Miyazaki Prefecture,) प्रशासक प्रांत में स्थानीय उच्च विद्यालय में नामांकन दर, उदाहरण के तौर पर, बीते 20 वर्षों में घटकर 35 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान हालात को देखते हुए, वर्ष 2048 तक कुल जापानी आबादी 22 प्रतिशत गिर जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, जापान में रहने वाले विदेशी लोगों की आबादी हाल ही के वर्षों में बड़ी है, जो 2.56 मिलियन तक पहुंच गई है—जिसमें से बड़ा प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय छात्रों का है।

द इपोक टाइम्स की अनुमति से प्रकाशित /

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