प्रौद्योगिकी दिग्गज इंफोसिस ने यहां राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 2.50 करोड़ रुपये का दान दिया, ताकि न्यूरोसर्जरी विभाग खोला जा सके। इन पैसों का उपयोग एक नए न्यूरोसर्जरी विभाग की स्थापना में की जाएगी जो दो दशक पुराने विभाग की जगह लेगा।

न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख पी. अनिल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इंफोसिस ने उनके द्वारा साल 2017 में भेजे गए आग्रह के बाद यह कदम उठाया है।

उन्होंने कहा, मैंने एक कोशिश करते हुए इंफोसिस को पत्र लिखकर कहा था कि हमारी मदद करें। यह एक साल पहले की बात है। उन्होंने तुरंत जवाब दिया और हमारी गतिविधियों का जायजा लिया, उसके बाद उन्होंने मदद करने का फैसला किया।

अनिल ने कहा, हालांकि जीएसटी को लेकर कुछ परेशानियां आई थीं, लेकिन आखिरकार उपकरण लगा दिए गए और हमने कुछ दिन पहले ही विभाग में पहले मरीज का इलाज शुरू किया है।

अनिल ने कहा कि नया उपकरण मरीजों के लिए वरदान की तरह है, जो ज्यादातर गरीब परिवारों से होते हैं।

तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेस अस्पताल के दुर्घटना इलाज विभाग में सबसे ज्यादा भीड़भाड़ होती है और यहां तुरंत विशेषज्ञों से इलाज के लिए दुर्घटना संबंधी मामले आते हैं।

यहां की इंफोसिस इकाई के शीर्ष अधिकारी सुनील जोश ने आईएएनएस से कहा कि उनकी कंपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत हमेशा से अलग कोष रखती है।

उन्होंने कहा, हमारे अध्ययनों से पता चला कि यह विभाग दुर्घटना पीड़ितों को साधारण सेवाएं प्रदान करता है और ज्यादातर मरीज कम या मध्य आय वर्ग से आते हैं।

जोश ने कहा, माइक्रोस्कोप परियोजना के तहत न्यूरोसर्जरी विभाग का प्रस्ताव मिलते ही इस पर हमने काम शुरू कर दिया। हमें महसूस हुआ कि वे बढ़िया काम कर रहे हैं और इसी वजह से मदद को मंजूरी दे दी गई।

संयोग से यह पहली बार नहीं है कि इंफोसिस ने अस्पताल की मदद की है। उन्होंने अस्पताल के प्रमुख इमारतों के बीच स्काई वॉक बनाया, ताकि मरीजों को स्ट्रेचर के साथ सड़क पार न करना पड़े।

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