मोबाइल फोन निर्माण के क्षेत्र में छलांग लगाते हुए भारत दूसरे पायदान पर पहुंच चुका है। न्यूज़ बाइट एप में छपी एक खबर के अनुसार, इंडियन सेलुलर एसोसिएशन (Indian Cellular Association) के अध्यक्ष “पंकज मोहिंद्रू” ने केंद्रीय मंत्री “मनोज सिन्हा” और “रविशंकर प्रसाद” को बताया कि वर्ष 2017 में भारत वितनाम को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फोन निर्माता देश बन गया है, हालांकि पहले पायदान पर अभी भी चीन का प्रभुत्व है।

इंडियन सेलुलर एसोसिएशन को इसकी जानकारियां एक मार्केट रिसर्च संस्थान आईएचएस (IHS) से मिली, चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स (National Bureau of Statistics) और वियतनाम के जनरल स्टेटिक्स ऑफिस (General Statistics Office) ने कहा कि भारत में वार्षिक फोन निर्माण वर्ष 2014 में 3 मिलियन यूनिट से बढ़कर वर्ष 2017 में 11 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। “मेक इन इंडिया” पहल के तहत हुई इस 276 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने वियतनाम को इस पायदान से हटा दिया है। मोबाइल फोन के निर्माण के साथ ही, वर्ष 2017-18 में भारत में मोबाइल फोन के आयात में भी कमी दर्ज की गई है।

इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्रालय के अधीन एक संस्था, फास्ट ट्रैक टास्क फोर्स (Fast Track Task Force) ने वर्ष 2019 तक 500 मिलियन मोबइल फोन यूनिट बनाने का लक्ष्य रखा है। मोबाइल निर्माण में सकारात्मक बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप, एफटीटीएफ का लक्ष्य वर्ष 2019 तक 8 अरब डॉलर तक मौलिक निर्माण करना और 1.5 मिलियन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन करना है।

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