अब तक आपने इंसान और जानवरों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए एंबुलेंस चलते देखी होगी, लेकिन बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में पौधरोपण और उनकी सुरक्षा के लिए सड़क पर दौड़ती “ट्री एंबुलेंस” हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है।

यह ट्री एंबुलेंस हरे रंग से रंगी हुई है, जो हरियाली का संदेश देती है। इस एंबुलेंस पर उकेरे गए पेड़ों के चित्र, पौधा लगाते बच्चे और उस पर लिखा गया संदेश “सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम” बहुत कुछ बयां कर जाता है।

देश में बुंदेलखंड की पहचान सूखा, पलायन, बेरोजगारी, जल संकट के कारण है, लेकिन यहां के लोग हालात से लड़ने का न सिर्फ माद्दा रखते है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों को चुनौती देते भी नज़र आते हैं। यह ट्री एंबुलेंस और पौधरोपण की मुहिम भी उसी जज्बे का एक हिस्सा है।

इस अनोखी एंबुलेंस की शुरुआत संगम सेवालय ने की है। इस गैर सरकारी संगठन के प्रमुख विपिन अवस्थी का कहना है कि यह एंबुलेस जगह-जगह पौधों का रोपण तो करेगी ही, साथ में क्षतिग्रस्त पौधों का भी ख्याल रखेगी।

अवस्थी के अनुसार, सप्ताह में एक या दो दिन निर्धारित समय और निर्धारित स्थान पर पौधों को बचाने का अभियान चलाया जायेगा। इस एंबुलेंस में जमीन में गड्ढा खोदने से लेकर पेड़ को रोपित करने, उसकी काट-छांट करने, पानी देने, कीड़े आदि के प्रकोप से बचाने के लिए कीटनाशकों का इंतजाम है।

तय की गई योजना के मुताबिक, संगम सेवालय की टीम हर रविवार को इस ट्री एंबुलेंस के साथ किसी सार्वजनिक स्थल पर जाकर पेड़ों को बचाने का काम करेगी। अभी बारिश का मौसम है, लिहाजा सबसे ज्यादा जोर पौधा रोपण पर रहेगा।

बताया गया है कि इस ट्री एंबुलेंस में वाणिकी के जानकार और पर्यावरण विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी, ताकि जर्जर हो रहे पेड़ों को सुरक्षित रखने के बेहतर प्रयास किए जा सकें।

जिलाधिकारी रमेश भंडारी का कहना है कि पेड़ लगाना आसान है कितु इसकी रक्षा करना एक कठिन कार्य है। उम्मीद करनी चाहिए कि यह संस्था पेड़ों को बचाने में भी अहम भूमिका निभाने में सफल होगी।

संगम सेवालय के इस अनूठे अभियान को शहर के समाजसेवियों का भी साथ और सहयोग मिलने लगा है, शहर के प्रमुख व्यावसायिक बुंदेलखंड परिवार की ओर से अशोक अग्रवाल ने ट्री एंबुलेंस को प्रतिमाह 50 लीटर डीजल देने का वादा किया है।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds