हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को राज्य में थर्मोकोल प्लेट के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, क्योंकि यह प्रदूषण के प्रमुख कारकों में से एक है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आधिकारिक समारोह में एक लीटर से कम की प्लास्टिक बोतलों पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

मंडी जिले के सुंदरनगर शहर में विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक बोतलों के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए सभी सरकारी विद्यालयों के प्रत्येक छात्रों को स्टील की बोतल दी जाएगी।

उन्होंने अभिभावकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने बच्चों को प्लास्टिक बोतल के स्थान पर स्टील की बोतल देने का आह्वान किया। ठाकुर ने 10 ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापित करने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि 5 जून से 1 जुलाई तक बड्डी, नालागढ़, परवाणु, काला अंब, पोंटा साहिब, सुंदरनगर, दमताल और उना में पौधारोपण पर जोर दिया जाएगा क्योंकि ये राज्य के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर हैं। राज्य में 2 अक्टूबर 2009 को पॉलीथिन थैलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला शहर में पानी संकट प्रदूषण और शहर में पानी की आपूर्ति करने वाले जल ग्रहण क्षेत्रों, नदियों और जल निकायों में पानी की कमी की वजह से उत्पन्न हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य के पौधा घरों में प्रदूषण घटाने वाले पौधों का विकास किया जाएगा और लोगों को पौधारोपण के लिए इसे मुहैया कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य औद्योगिक विभागों से पाइन (चीड़) नीड्ल्स के निपटान के लिए इकाई गठित करने के लिए एक परियोजना तैयार करने के लिए कहा है। यह गर्मियों में जंगलों में आग लगने का प्रमुख कारण है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2018 में प्लास्टिक प्रदूषण को हराओ (बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन) थीम के अंतर्गत लोगों, सरकारों, सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों से हमारे प्राकृतिक स्थानों, हमारे वन्यजीव और हमारे स्वास्थ्य पर प्लास्टिक प्रदूषण के अत्यधिक भार को कम करने के लिए कदम उठाने का आह्वन किया गया है।

Share

वीडियो

Ad will display in 09 seconds