भारत जैसे युवा देश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा मुफ्त होने के बावजूद गरीब सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण बच्चों की एक बड़ी संख्या स्कूल से बाहर रह जाती है या पढ़ाई बीच में छोड़ देती है। उन्हीं बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए मैग्मा ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आवेदन 15 अगस्त तक किए जा सकते हैं। मैग्मा फिनकॉर्प लिमिटेड (Magma Fincorp Ltd) ने एक बयान में कहा कि ‘एम-स्कॉलर’ छात्रवृत्ति के तहत कंपनी ने 2015 में ऐसे छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना शुरू किया, जो पढ़ाई में अच्छे होने और साधन नहीं होने के कारण शिक्षा हासिल नहीं कर पाते। अभियान के तहत छात्रों को उनके अकादमिक प्रदर्शन और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर चुना जाता है। अब तक 200 छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

मैग्मा फिनकॉर्प लिमिटेड के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस एंड एडमिन के उपाध्यक्ष कौशिक सिन्हा ने कहा, एम-स्कॉलर वंचित परिवारों के 200 मेधावी छात्रों के भाग्य को बदलने में मदद कर रहा है और छात्रों के एक नए समूह को अब इससे फायदा होगा।

उन्होंने कहा, पढ़ाई बीच में छोड़ने के कुछ प्रमुख कारणों में गरीबी, गांवों में रहने वाले छात्रों के लिए अवसरों की कमी और देश के दूरदराज के हिस्सों में विशेष रूप से लड़कियों के लिए खराब बुनियादी सुविधाओं की सुविधा शामिल है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे विद्यार्थी भी स्कूल और कॉलेज आना छोड़ पढ़ाई छोड़ देते हैं जो कि काफी प्रतिभाशाली और मेधावी होते हैं।

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