पिछले 50 सालों से राजधानी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए सम्मेलनों, आयोजनों एवं प्रदर्शनियों का पर्याय बन चुके प्रगति मैदान का इन दिनों पुनर्विकास किया जा रहा है।

प्रगति मैदान कन्वेन्शन सेंटर की डिजाइन 7000 लोगों की क्षमता के लिए तैयार की गई है, और इस पर काम चालू है और इसे 16 महीने में पूरा किया जाना है। प्रगति मैदान के पुनर्विकास से जुड़े वास्तुकार एवं शहरी योजनाकार दीक्षू कुकरेजा ने कहा कि प्रगति मैदान कन्वेन्शन सेंटर की डिजाइन 7000 लोगों की क्षमता के लिए तैयार की गई है और इसकी प्रस्तावना एक विश्वस्तरीय आधुनिक आइकॉनिक इमारत के रूप में दी गई है, जिसका वास्तुशिल्प ल्यूटियन की समृद्ध वास्तु धरोहर से लिया गया है।

उन्होंने कहा, पूरे केन्द्र की योजना इस तरह से बनाई गई है कि यह दिव्यांगों के लिए भी अनुकूल हो। कन्वेन्शन सेंटर में कांच से बना अनूठा, वक्राकार स्लोपिंग फॉर्म तथा कई कैंटीलीवर्स से युक्त जीआरसी क्लैडिंग होगी।

कन्वेन्शन सेंटर का निर्माण कार्य चालू है और इसे 16 महीने की अवधि में पूरा करने की योजना है। इमारत अपने आप में गगनचुम्बी होगी और रात के समय अपने आस-पास के क्षेत्र से अलग आसमान में चमकती दिखाई देगी।

परियोजना की पहली प्रावस्था में 35 लाख वर्ग फुट का विश्वस्तरीय आधुनिक प्रदर्शनी परिसर भी शामिल है, जो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, कारोबार मेलों, उत्पाद प्रदर्शन, कॉरपोरेट कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थान होगा। इस विश्वस्तरीय परियोजना के पूरा होने के साथ भारत प्रदर्शनियों एवं सम्मेलनों के विश्वस्तरीय मानचित्र पर अन्य देशों के साथ शामिल हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले सालों के दौरान इस परिसर के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस की गई और इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने इसे विश्वस्तर के आइकॉनिक इंटीग्रेटेड एक्जहीबिशन कम कन्वेन्शन सेंटर (Iconic Integrated Exhibition cum Convention Center) (प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र) में बदलने का फैसला किया।

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