बिजिंग (Beijing) एक बार फिर अत्यधिक मात्रा में धुँध से आच्छादित है जो गंभीर वायु प्रदूषण की चिंता को बढ़ता है। मार्च 26 से 28 तक, शहर में “ऑरेंज एलर्ट” था।

चीन (China) में चार रंगों वाली चेतावनी (four-color alert ) प्रणाली है। ये चार रंग खतरे की बढ़ती हुई मात्रा के अनुसार क्रमशः नीला, पीला, नारंगी एवं लाल हैं। ऑरेंज एलर्ट यह संकेत करता है कि धुँध ने दृश्य क्षमता को घटाकर 1.24 मील से कम तथा सापेक्षिक आद्रता को घटाकर 80% से कम कर दिया है, या फिर कण वस्तु घनत्व (particulate matter density) 500 से 700 माइक्रोग्राम प्रति क्युबिक मीटर हो गया है।

जबकि संयुक्त राज्य का राज्य वायु गुणवत्ता निरीक्षण विभाग यह बताता है कि जब यह स्तर 301 से 500 के बीचे में होता है तब यह खतरनाक है और लोगों को घर से बाहर के कार्य-कलाप बंद कर देने चाहिए, 500 से ऊपर “अत्यंत उच्च स्तर” माने जाते है।

ऑरेंज एलर्ट की घोषणा इस महीन में दूसरी बार की गई है। मार्च 12 से 14 तक भी श्हर में इस प्रकार की चेतावनी की घोषणा की गई थी।

मार्च 25 की सुबह वायु की गुणवत्ता 5 के स्तर पर पहुँच गई थी। चीनी अधिकारियों के द्वारा विकसित किए गए वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के अनुसार, यह अत्यंत ही प्रदूषित स्तर है। यह प्रणाली वायु की गुणवत्ता को 1 (उत्तम) से 6 (अत्यंत उच्च रुप से प्रदूषित) तक वर्गीकृत करती है।

चीन के इंटरनेट प्रेमी इस बात से निराश हैं कि बिजिंग के अधिकारी वायु प्रदूषण की समस्या जिसने शहर को कई वर्षॉं से अपने गिर्फ्त में लिया है, को प्रभावपूर्ण ढंग से समाप्त करने में अक्षम हैं ।

एक इंटरनेट प्रेमी ने लिखा, “मैं मास्क पहनते-पहनते थक गया हूँ।”

दूसरे ने खेद प्रकट करते हुए कहा, “यह बहुत ही खतरनाक है, विशेष रुप से बूढ़ों एवं बच्चों के लिए।”

चीनी समाचारपत्र बिजिंग न्युज (Beijing News) ने मौसम के पूर्वानुमान की घोषणा की है, जो यह संकेत करता है कि प्रदूषण में शीघ्रता से वृद्धि होगी: मार्च 26 को स्तर 3 माइल्ड प्रदूषण; मार्च 27 को स्तर 4 मध्यम प्रदूषण और इसके बाद मार्च 27 एवं 28 को बढ़कर स्तर 5 उच्च प्रदूषण्न तक पहुँच गया।

गत कुछ महीनों में बिजिंग में फेफड़े के कैंसर के मरीजों की संख्या सार्थक रुप से बढ़ी है।

बिजिंग कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च ऑफिस (Beijing Cancer Prevention and Research Office) द्वारा जारी किए गए आँकड़ें यह बताते हैं कि 2015 में कैंसर के सार्वाधिक प्रमुख प्रकारों में फेफड़े का कैंसर पहले स्थान पर था। फेफड़े के कैंसर से पीड़ित होनेवालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2015 में 8,541 लोगों को फेफड़े के कैंसर से पीड़ित बताया गया। फेफड़े के कैंसर की वृद्धि दर जो 2006 में प्रति 1,00,000 व्यक्ति में 50.03 था, अब 2015 में बढ़कर 63.77 हो गया है।

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