फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने पत्रकारों के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया है। जिसके तहत यदि कोई पत्रकार फर्जी खबरें पब्लिश करता है या फिर उसका प्रचार-प्रसार करता है, तो उसकी मान्यता स्थायी रुप से रद्द की जा सकती है। 

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक विज्ञप्ति में पत्रकारों की मान्यता के लिये संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, पहली बार किसी पत्रकार की खबर की फर्जी होने की पुष्टी हो जाती है तो उसकी मान्यता तीन महीनों के लिए रद्द कर दी जाएगी।

दूसरी बार खबर फर्जी पाए जाने पर उसकी मान्यता एक साल के लिए रद्द की जा सकती है। और यदि तीसरी बार किसी पत्रकार की खबर फर्जी पाई जाती है,तो उसकी मान्यता स्थायी रुप से रद्द कर दी जाएगी।

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Credit: Samacharnama

विज्ञप्ति के अनुसार, यदि फर्जी खबर के मामले प्रिंट मीडिया से संबंधित है तो उसकी शिकायत प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (Press Council of India (PCI)) को भेजी जाएगी।

यदि मामला इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का है, तो इसकी शिकायत न्यूज़ ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (News Broadcasters Association (NBA)) को भेजी जाएगी।

उपरोक्त दोनों संस्थान ही निर्धारित करेंगे कि खबर फर्जी है या सही। दोनों को इसकी जांच 15 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि एक बार खबर के संबंध में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच पूरी होने तक संबंधित पत्रकार की मान्यता रद्द रहेगी।

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