चालू वित्त वर्ष की 30 जून को खत्म हुई तिमाही में वाहन दिग्गज टाटा मोटर्स ने 1,863 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जिसमें कंपनी के लक्जरी कार इकाई जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) में हुए नुकसान की प्रमुख भूमिका रही।

वाहन दिग्गज ने एक साल पहले की समान अवधि में 3,200 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 14.7 फीसदी बढ़कर 67,081 करोड़ रुपये रहा।

 

कंपनी की ब्रिटेन की सहयोगी कंपनी जेएलआर ने अप्रैल-जून तिमाही में कुल 21 करोड़ पाउंड का नुकसान दर्ज किया है।  इस दौरान, जेएलआर के राजस्व में साल-दर-साल आधार पर 6.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जोकि 522.2 करोड़ पाउंड रहा।

सालाना आधार पर पहली तिमाही में टाटा मोटर्स जेएलआर का एबिटडा मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट घटकर 6.2 फीसदी रहा है। जेएलआर के कारोबार पर चीन में लगने वाली ड्यूटी में हुए बदलावों, डी-स्टॉकिंग और फॉरेक्स उतार-चढ़ाव का प्रतिकूल असर पड़ा है।

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन के हवाले से एक बयान में कहा गया है, जहां तक जेएलआर का सवाल है, हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें चीन में ड्यूटी बढ़ने का प्रभाव और ब्रिटेन और यूरोप के बाजारों में डीजल को लेकर चिंता का बाजार पर प्रभाव प्रमुख है।

समीक्षाधीन तिमाही में हालांकि, कंपनी के भारतीय परिचालन (स्टैंडअलोन) ने 1,188 करोड़ रुपये  का मुनाफा दर्ज किया है तथा कंपनी का राजस्व साल-दर-साल आधार पर 83 फीसदी बढ़कर 16,803 करोड़ रुपये हो गया।

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