चीन के मानवीय अंग प्रत्यारोपण प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय चिंता दशकों से व्यक्त की जा रही है। पिछले कई सालों से, चीनी प्रशासन ने स्वैच्छिक अंग प्रत्यारोपण प्रणाली बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने की सूचना दी है। पिछले महीने एक उच्च प्रत्यारोपण अधिकारी ने, वेटिकन (Vatican) में अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी सम्मेलन में बोलते हुए, दुबारा दोहराते हुए दावा किया कि जनवरी 1, 2015 से, चीन ने कैदियों के अंगों का प्रयोग समाप्त कर दिया है और अब वह सिर्फ दान देने वालों के अंगों का प्रयोग करते हैं, जो अस्पताल के गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) में मर जाते हैं। 

यह सर्वस्वीकार्य विकास होगा, यदि इसका विश्वास किया जाए तो। दुर्भाग्यवश, विरोधी आंकड़ों, भ्रामक दावे, और गहन गोपनीयता दर्शाती है कि यह नहीं हो सकता है। इसके अलावा, चीन में अंग प्रत्यारोपण का इतिहास परेशान करने वाले अतीत से संबंधित, और संभवतः चले आ रहे दुर्व्यवहार पर सवाल उठाता है। दुर्व्यवहार के साथ, निश्चय ही, गुप्त रखने की आवश्यकता भी होती है।

अविश्वसनीय आंकड़े

पहली समस्या यह है कि किए गए प्रत्यारोपण के चीन के आधिकारिक आंकड़ों की संख्या पर विश्वास नहीं किया जा सकता। पिछले महीने वेटिकन शिखर सम्मेलन में, चीन के अंग-दान और प्रत्यारोपण समिति के निदेशक डॉ. हुआंग जिफू ( Dr. Huang Jiefu) ने कहा कि 2011 से 2014 तक, कुल 2,342 नागरिकों ने मृत्यु के बाद अपने यकृत दान किए हैं।

इसके ठीक बाद एक हफ्ते से भी कम समय में, द पेपर (The Paper) के साथ एक साक्षात्कार में, सरकारी स्वामित्व वाली डिजिटल समाचार आउटलेट में, उन्होंने कुछ और कहा: “2011 से 2014 तक, मृतक नागरिकों द्वारा यकृत दान के 1,910 मामले थे।”

यह संख्याएं, जिनमें 18 प्रतिशत का अंतर है, यह दोनों ही सही नहीं हो सकते हैं। सितंबर 1, 2013 के बाद से सभी प्रत्यारोपण को केंद्रीय-कृत आंकड़ा-कोष में पंजीकृत करना अनिवार्य किया गया है, जिसे चीन आर्गन ट्रांसप्लांट रिस्पोंस सिस्टम (COTRS) के नाम से जाना जाता है। फिर भी, हमारे अनुसंधान में हमने इस तरह के विरोधी आंकड़ों की संख्या के दस उदाहरणों की पहचान की है, जो या तो हुआंग या अन्य आधिकारिक स्रोतों द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। दान करने वाले लोगों का इस तरह का असंगत लेखा दर्शाता है कि इन आधिकारिक दावों को स्वाभाविक रूप से अंकित मूल्य पर नहीं लिया जा सकता है।

समस्याग्रस्त प्रत्यारोपण की मात्रा

उच्च प्रत्यारोपण अधिकारियों द्वारा दिए गए उल्लेखनीय आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। जाँचकर्ताओं ने,  कितने प्रत्यारोपण किए गए हैं यह पता लगाने के लिए कई अन्य विधियों का सहारा लिया है।

उदाहरण के लिए, अस्पताल के प्रत्यारोपण रोगीकक्ष में खाट की संख्या से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट को देखें, उसके बाद रिपोर्ट में उन खाट के उपयोगिता की दर से उनकी तुलना करें। यह दो संख्या बिंदु, यकृत और गुर्दा प्रत्यारोपण प्राप्त-कर्ता के रहने की औसतन दीर्घ अवधि के साथ मिलाकर, कुछ अस्पतालों में किसी न किसी प्रत्यारोपण संख्या की गणना के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

टियांजिन (Tianjin) का पहला केंद्रीय चिकित्सालय प्रत्यारोपण केंद्र, उदाहरण के लिए—जिसे 2006 के अंत में निर्मित किया गया था—में, 500 खाट रखने की योजना बनाई गई थी (लेकिन इसमें 700 तक हो सकते थे)। 2008 के आधिकारिक निर्मित आंकड़ों में दाखिला होने के अनुसार, 2008 में गुर्दे और यकृत प्रत्यारोपण के लिए खाट उपयोगिता का दर 90 प्रतिशत था। टियांजिन के आधिकारिक मीडिया के अनुसार, 2013 में समस्त अस्पताल के खाट का उपयोग 131 प्रतिशत था (अर्थात् या तो अतिरिक्त मरीजों को पास के होटलों में रखा गया था, या फिर शायद अतिरिक्त खाट लगाए गए थे)। प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं के लिए औसतन अस्पताल में एक या दो माह रहने के साथ ही, यह सिर्फ इस एक ही सुविधा से प्रत्येक वर्ष हजारों प्रत्यारोपणों को जोड़ता है।

समाजवादी पार्टी की मीडिया रिपोर्ट प्रत्यारोपण की संख्या का दूसरा संकेत प्रदान करती है। दो आधिकारिक प्रकाशनों की तुलना इंगित करती है कि टियांजिन पहले केंद्रीय अस्पताल ने 2011 से 2015 तक प्रत्येक वर्ष 1,000 यकृत प्रत्यारोपण किए हैं। अन्य आधिकारिक स्रोत जैसे 2011 यकृत पंजीकरण दर्शाता है कि चीन में यह अस्पताल कुल यकृत प्रत्यारोपण गतिविधि का एक चौथाई या 12 प्रतिशत करते हैं। इसका मतलब है कि प्रत्येक वर्ष लगभग 4000 से 10,000 के बीच देशभर में यकृत प्रत्यारोपण होते हैं, कई बार उस अंग के आधिकारिक रूप से रिपोर्ट किए गए आंकड़े, जो की स्वयं देश के कुल प्रत्यारोपण की संख्या का मात्र एक भाग ही होते हैं।

चीन में प्रत्यारोपण की वास्तविक संख्या को जानना बहुत कठिन है, लेकिन यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यह दावा की गई संख्या और अंगों के स्रोत का चिंतित कर देने वाला संबंध दिखाई पड़ता है।

प्रत्यारोपण में अचानक तेजी

2000 से पहले चीन में शायद ही कोई अंग प्रत्यारोपण उद्योग होता था। 1980 से 2000 के अंत तक, वहां संचयी कुल के हिसाब से 34,832 गुर्दा प्रत्यारोपण हुए थे। महज़ चार साल बाद, चिकित्सकीय पाठ्य-पुस्तकों के अनुसार यह संख्या कम से कम 27,141 से बढ़ गई है।

सम्मानित व्यापार पत्रिका केजिंग (Caijing) के अनुसार, 1993 से 2007 तक चीन में यकृत प्रत्यारोपण की संख्या 400 गुना बढ़ गई है—संचयी रूप से 6 से लेकर 14,000 तक।

लेकिन यह आंकड़े भी कम है। यह चीन के आधिकारिक पंजीकरण और रिपोर्टों से प्राप्त हुए हैं, और इसलिए यह कुल आंकड़ों का केवल एक हिस्सा मात्र है। गुर्दा प्रत्यारोपण के आंकड़े 106 अस्पतालों से आते हैं, जबकि यकृत पंजीकरण की रजिस्ट्री 25 अस्पतालों द्वारा फरवरी 2005 में की गई थी।

फिर भी वास्तव में 2006 से चीन में 1000 से अधिक अस्पताल प्रत्यारोपण कर रहे हैं, आधिकारिक सूत्रों का कहना है। (यह आंकड़े 2007 में घटकर 164 हो गए हैं ऐसा कहा गया है)।

चीन के अपने अधिकारी प्रत्यारोपण में अचानक आई तेजी पर खुलकर बात करते हैं। “वर्ष 2000 चीन के अंग प्रत्यारोपण उद्योग के लिए ऐतिहासिक था,” साउर्थन विकेंड (Southern Weekendके अनुसार, उच्च प्रत्यारोपण अधिकारी, हे शियासुन (He Xiaoshun) का उल्लेख करते हुए। “2000 में यकृत प्रत्यारोपण की संख्या 1999 से 10 गुना बढ़ गई है, 2005 में संख्या उससे अधिक तिगुनी हो गई है।”

चीन में अंग प्रत्यारोपण पर पहला कानून 2007 में लागू हुआ था। इससे पहले एकमात्र बड़ा नियम यह था कि 1984 के प्रावधान के हिसाब से कैदी के अंगों को उपयोग करने की अनुमति थी।

लेकिन अधिकांश नियमों के बावजूद, 2007 के बाद जो हुआ, यह विवादास्पद रूप से अधिक परेशान करता है।

निरंतर वृद्धि

जनवरी 1, 2007 को सुप्रीम पीपल्स कोर्ट ने मौत की सजा की समीक्षा का नियंत्रण किया, न्यायिक निष्पादन में तेजी से गिरावट को सक्रिय किया गया, वार्षिक आंकड़ों को 10,000 से लेकर कुछ हजार तक घटा दिया गया। यह विश्वसनीय माना जाता है क्यों कि,कैएक्सिन (Caixinबताता है, “संबंधित विभागों के नेताओं को यह भी चिंता है कि जनता इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पाएगी कि मौत की सज़ा की संख्या में इस प्रकार की गिरावट हुई है।” दुईहुआ (Duihua), संयुक्त राज्य में स्थित मानव अधिकार का एनजीओ, 2013 में बहुत ही कम, 2,400 लोगों की मृत्यु, लगातार मृत्यु दर में गिरावट को दर्शाता है।

फिर भी अंग प्रत्यारोपण उद्योग लगातार विस्तारित हो रहा है। उदाहरण के लिए:

  • 2007 में, टियांजिन फर्स्ट सेंट्रल हॉस्पिटल की नई प्रत्यारोपण इमारत 17 मंजिल और 500 खाट के साथ, स्थानीय सरकार द्वारा भुगतान की गई, पूर्ण संचालन के साथ शुरू हो गई(ऊपर दस्तावेज किया गया)।

  • 2007 में, हेबै प्रांत (Hebei Province) में नार्थ चाइना फार्मास्यूटिकल (North China Pharmaceutical) को  इमयूनोसपरिसेंट (प्रत्योरपण प्राप्तकर्ताओं द्वारा लगभग अनन्य रूप से उपयोग किया जाता है) श्रृंखला के औद्योगिकीकरण के लिए  $2.8 मिलियन (20 मिलियन आरएमबी) राष्ट्रीय नीति ऋण दिया गया।

  • 2008 में, झेंग शुसन (Zheng Shusen), चीन के प्रत्यारोण तंत्र के वास्तुकार ने जनसंख्या में यकृत प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता की योग्यता की संख्या में 52 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, यकृत कार्सिनोमा के स्वीकार्य अधिकतम आकार को बढ़ाकर।

  • 2010 से 2012 तक, बीजिंग 309 मिलिट्री अस्पताल (Beijing 309 military hospital) ने अपने प्रत्यारोपण केंद्र में खाट क्षमता को 316 से बढ़ाकर 393 कर दिया। इसी अस्पताल ने कहा था कि इनके प्रत्यारोपण केंद्र से ही इनके सबसे अधिक आय का निर्माण होता है, 2006 में 30 मिलियन युआन (US$ 4.5 मिलियन) से बढ़कर 2010 में 230 मिलियन (US$34 करोड़), आठ गुना बढ़ोतरी की।

इस तरह के कई अन्य उदाहरण है। चीन का संपूर्ण प्रत्यारोपण उद्योग, वास्तव में, कैदियों की मृत्यु की संख्या से काफी भिन्नता से विकसित हुआ है।

अगला सवाल सबसे ज्यादा राजनैतिक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद बन गया है: अगर प्रत्यारोपित अंग निष्पादित अपराधियों से नहीं मिल रहे हैं, तो वह कहां से आ रहे हैं?

चिंताजनक स्रोत

2015 के बाद से ही चीन ने अपने स्वयं के स्रोत के तौर पर स्वयंसेवक दानकर्ताओं के अंगों का इस्तेमाल करने का दावा किया है, और अधिकारी स्वीकार करते हैं कि यह प्रणाली अभी भी अपनी शुरुआती अवस्था में है। इससे पहले, 2005 के अंत तक, अधिकारियों ने दावा किया था कि अंग निष्पादित कैदियों से प्राप्त हुए थे (2005 से पहले इसे चीख चीख कर अस्वीकार किया गया था, अब अचानक इसे माना जाने लगा)।

यह देखते हुए कि कैदियों को फाँसी की सजा की संख्या मुश्किल से चीन के प्रत्यारोपण उद्योग में वृद्धि को स्पष्ट करती है, शोधकर्ताओं ने इसके गुप्त विकल्प बताए हैं।

उदाहरण के लिए, कई लोगों ने सुझाया है कि वास्तविक स्रोत विवेक कैदी हैं। इसमें उइगुर (Uyghur) मुस्लिम, तिब्बती और संभवत: घर के गिरजाघर के ईसाई शामिल हैं, लेकिन फालुन गोंग, एक पारंपरिक चीनी आध्यात्मिक अभ्यास के ज़्यादातर अभ्यासियों को 1999 से उत्पीड़ित किया जा रहा है। यह संभव है कि अन्य वंचित और पृथक चीनी नागरिकों को भी पीड़ित किया गया है।

फ्रीडम हाउस (Freedom House) ने पिछले महीने चीन में धर्म की स्वतंत्रता की एक रिपोर्ट में कहा था कि उपलब्ध सूचनाओं की समीक्षा में “विश्वसनीय साक्ष्य पाए गए हैं कि 2000 के शुरुआती दशक में, फालुन गोंग बंदियों को बड़े पैमाने पर उनके अंगों के लिए मार दिया गया था।”  इसमें कहा गया है: “युवा उइगुर पुरुषों का बड़े पैमाने पर लापता होना, उइगुर राजनैतिक कैदियों के नियमित रक्त परीक्षण का विवरण और हिरासत में तिब्बतियों और उइगुरों की रहस्यमय मौत यह संकेत देती है कि इस जनसंख्या के अनैच्छिक अंग संचयन का शिकार बनने की संभावना भी हो सकती है। संयुक्त राज्य और यूरोपीय संसद ने इसकी निंदा की है।

प्रक्षेप पथ निश्चित रूप से मिलते है: जुलाई 1999 में फालुन गोंग को क़ैद किए जाने पर महज़ छह महीने बाद प्रत्यारोपिण में वृद्धि हुई। और यह अंग स्रोत लगातार निष्पादित कैदियों की संख्या में कमी के बावजूद प्रत्यारोपण की संख्या में वृद्धि को वर्णित करते हैं। पत्रकारों में एथान गुटमैन (Ethan Gutmann) द्वारा अपनी किताब में एकत्रित किए गए दर्जनों मामलों सहित चीन में फालुन गोंग बंदियों के विस्तृत रक्त परीक्षण और अंग परीक्षण में भी भारी मात्रा में सबूत उपलब्ध है।

सबूत के आधार पर एक पूरे लेख में सैकड़ों पन्ने लग जाएंगे। लेकिन सबसे अधिक चिंताजनक बातें आधिकारिक चीनी साहित्य से प्राप्त होती है।

उदाहरण के लिए झेंग शुसन (Zheng Shusen), चीन के सबसे प्रख्यात प्रत्यारोपण सर्जनों में से एक, साथ ही जीजीआंग प्रांत (Zhejiang Province) के एंटी-कल्ट एसोसिएशन (Anti-Cult Association) के अध्यक्ष भी है। इस तरह के संगठनों को पार्टी द्वारा 2000 में स्थापित किया गया था खासतौर पर फालुन गोंग को कलंकित करने के लिए और हिरासत में लिए गए अभ्यासियों का जबरन वैचारिक धर्म-परिवर्तन करने के लिए।

एक अग्रणी चीनी यकृत सर्जन और प्रत्यारोपण अधिकारी फालुन गोंग विरोधी अभियान में भी क्यो शामिल हैं? 2009 में झेंग ने फालुन गोंग विरोधी किताब की प्रस्तावना में लिखा: “फालुन गोंग” और इसी तरह के शैतानी धर्म मानवता के जीवों को संक्रमित करने वाले वाइरस की तरह है, अनुयायियों की आत्माओं का वध करते हैं, सामाजिक व्यवस्था को समाप्त करते हैं, आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं और मानव जाति के लिए एक सार्वजनिक उपद्रव और समाज के लिए कैंसर बन जाते हैं।”

इस तरह की भाषा किसी भी प्रकार की परिस्थितियों में चिंताजनक लगती है। वर्तमान अभियोग के संदर्भ में, यह सफल यकृत सर्जन का कथन, बहुत ही खतरनाक है ( झेंग ने यकृत अंतरराष्ट्रीय के एक पेपर में अंगों के स्रोत के बारे में झूठ बोलने के लिए हाल ही में कुख्याति प्राप्त की है, मुख्य रूप से जिसे वापस लिया गया है)।

चीन के उच्च प्रत्यारोपण प्रवक्ता हुआंग जेफू (Huang Jiefu) को 2001 में इसी प्रकार की टिप्पणी करते हुए देखा गया है: “फालुन गोंग का विरोध गहन राजनैतिक संघर्ष है। कट्टर प्रतिक्रियावादी लोगों के एक छोटे समूह के साथ निपटते समय हमें दयालु नहीं होना चाहिए।”

2000 में चीन के प्रत्यारोपण प्रणाली में तेजी से अस्पष्टीकृत वृद्धि, न्यायिक निष्पादन में कटौती के बाद भी 2007 के बाद प्रत्यारोपण गतिविधि में ज़ोरदार प्रेक्षपवक्र, हिरासत में फालुन गोंग के अभ्यासियों का रक्त परीक्षण और अंगों का परीक्षण, युवा उइगुर पुरुषों का लापता होना और उइगुर राजनैतिक कैदियों का रक्त परीक्षण, और फालुन गोंग विरोधी अभियान में प्रत्यारोपण अधिकारियों की भागीदारी, कभी भी चीनी सरकार के द्वारा इन सब बातों को स्पष्ट नहीं किया गया। इसके बजाए ऐसे साक्ष्य को मात्र “बेहूदा” मानकर खारिज़ कर दिया जाता हैं।

यह देखते हुए कि हुआंग जेफू अब अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा मंच में स्पष्ट रूप से ग़लत आंकड़े बता रहे हैं, जबकि चीन में अस्पष्टीकृत स्रोतों के साथ प्रत्यारोपण अब भी जारी है, इन सवालों के जवाब अत्यावश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा निरीक्षकों द्वारा अस्पतालों में अघोषित निरीक्षण और  ऐतिहासिक और वर्तमान चिकित्सालय-स्तर पर प्रत्यारोपण आंकड़ों का खुलासा करना एक शुरुवाती कदम हो सकता है।

मैथ्यू रॉबर्टसन की अनुमति के साथ अनुवादित – China Organ Transplants


मैथ्यू रॉबर्टसन (Matthew Robertson), द ईोपोक टाइम्स (The Epoch Times) के पूर्व चीन के समाचार संपादक हैं। वह पहले वाशिंगटन, डीसी (Washington, D.C.) में  इस अखबार के एक पत्रकार थे। उन्होंने 2013 में चीनी सरकार के विवेक के कैदियों को जबरन अंग प्रत्यारोपण के कवरेज के लिए पेशेवर पत्रकारों की सिग्मा डेल्टा ची पुरस्कार (Sigma Delta Chi award) से सम्मानित किया गया था।

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