बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में कामकाज़ नहीं होने की वजह से बीजेपी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance (NDA)) के सांसदों ने दूसरे चरण के 23 दिनों का वेतन/भत्ता नहीं लेने का निश्चय किया है। संसदीय कार्य मंत्री “अनंत कुमार” ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अनंत कुमार ने कहा, “चुंकि संसद में काम नहीं हुआ है, इसलिए भाजपा-एनडीए के सांसदों ने 23 दिनों का वेतन और भत्ता नहीं लेने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि, “हमें ये पैसे लोगों की सेवा के लिए दिए जाते हैं, और यदि हम ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो हमारा जनता के पैसों पर कोई अधिकार नहीं।”

कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस की अलोकतांत्रिक रवैये की वजह से संसद के दोनों सदन, राज्यसभा और लोकसभा में कामकाज़ नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि, “हम सभी मुद्दों पर बात करने के लिए राज़ी थे, लेकिन उन्होंने सदन को चलने नहीं दिया।”

बता दें कि, बजट सत्र के दूसरे चरण में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, पंजाब नेशनल बैंक, अविश्वास प्रस्ताव आदि कई अन्य मामले सदन में विवादों के कारण बने, और अक्सर विवादों के चलते सदन शुरू होते ही स्थगित कर दिए जाते रहे।

गौरतलब हो कि, बीते माह दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी सदन में हंगामा करने वाले सांसदों से खासे नाराज़ थे और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को सदन में हंगामा करने वाले सांसदों की तनख्वाह काटने की अपील करते हुए एक चिट्ठी भी लिखी थी।

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