भारतीय और रूसी कंपनियों ने यहां चल रही रक्षा प्रदर्शनी के दौरान सात करार पर हस्ताक्षर किये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया था।

एक बयान में बताया गया कि एलएंडटी ने भारतीय नौसेना के लिए समुद्र के अंदर काम करने वाले यंत्र बनाने के लिए रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ करार किया।

इसके अलावा अनंत टेक्नोलॉजीज ने रक्षा प्रणालियां विकसित करने, कल-पुर्जे बनाने और इनके रख-रखाव संबंधी सेवाएं मुहैया कराने के लिए जेएससी कंसर्न रेडियो-इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजीज के साथ करार किया। अनंत टेक्नोलॉजीज ने भारतीय सेना के टी 90 एस एवं टी 72 टैंकों के लिए प्रौद्योगिकी एवं ढुलाई समाधान के लिए रिसर्च एंड प्रॉडक्शन कॉरपोरेशन यूरालवैगनजावोद के साथ भी करार किया।

स्पेस एरा और कंसर्न रेडियो – इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजीज ने एसयू -30 एमकेआई तथा एमआई 8, एमआई 17 और एमआई 35 हेलीकॉप्टरों की अधिकतम परिचालन दक्षता की उपलब्धता के लिए करार किया।

रूसी कंपनी ओस्क्रोसोमरीन और जेएससी एजीएटी ने नौसेना के लिए फ्रेगट रडार बनाने का करार किया।

नौसैनिक जहाजों पर लगाये जाने वाले उपकरणों के उत्पादन तथा लगाने को लेकर कार्सने डिफेंस टेक्नोलॉजीज और एवियाटेक एंटरप्राइजेज ने जेएससी कंसर्न एजीएटी के साथ अलग – अलग करार किये।

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