“कर इरादों को मज़बूत इतना कि तुझे छूना नहीं उन बुलंदियों को उन पर पांव रखना है…” कविता की ये चंद पक्तियां हैदराबाद के इस सात साल के बच्चे पर बिल्कुल फिट बैठती हैं। जिन्होंने अफ्रीका (Africa) की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

न्यूज़ एजेंसी एएनाआई की एक ख़बर अनुसार, सात साल के समन्यु पोथुराजू (Samanyu Pothuraju) ने अप्रैल 2 को अपने कोच के साथ अफ्रीका के तंज़ानिया (Tanzania) स्थित किलिमंजारो पर्वत (Mount Kilimanjaro) पर करीब 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ऊरु चोटी (Uhuru peak) पर तिरंगा फहराया।

एएनाआई से बात करते हुए, पोथुराजू ने कहा, “उस दिन बारिश हो रही थी और राहें पथरीली थीं। मैं डर गया था, मेरे पैरों में दर्द हो रहा था, मैंने थोड़ा आराम करने के बाद इसे पूरा किया। मुझे बर्फ बहुत पसंद है और यही वजह है कि मैं माउंट किलिमंजारो पर गया।”

उन्होंने आगे कहा, “पवन कल्याण मेरे पसंदीदा हीरो हैं, मेरी मां ने मुझसे वादा किया था कि यदि मैं विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करता हूं, तो वह मुझे उनसे मिलवाएंगी, अब मैं उनसे मिलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं। मैं अगले महीने के आखिर में ऑस्ट्रेलिया (Australia) की चोटी पर चढ़ाई करुंगा और मैं रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।”

इस रोमांचक कार्य में पोथुराजू के साथ उनकी मां, लवन्या (Lavanya), कोच थम्मिनेनी भरत (Thammineni Bharath), एक साथी पर्वतारोही शंगबंदी स्रुजाना (Shangabandi Srujana) और एक अन्य महिला थीं, ये सभी हैदराबाद से हैं। इनके साथ तंज़ानिया के एक स्थानीय डॉक्टर भी थें।

एएनाआई से बात करते हुए पोथुराजू की मां ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मेरे बेटे ने विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की कोशिश की। वहां पहुंचने के बाद, अपनी स्वास्थ्य के चलते मैं आधे रास्ते में ही रुक गई, लेकिन मेरे बेटे ने तबतक हार नहीं मानी जबतक की वह अपने गंत्वय तक नहीं पहुंच गया।”

उन्होंने कहा, “मैं बहुत तनावग्रस्त और चिंतित थी क्योंकि वहां मौसम की स्थिति भी ठीक नहीं थी I हमारा अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया है, मई के अंत तक 10 चोटियां और यह भी मेरे बच्चे के लिए एक रिकॉर्ड होगा।”

इनकी यह ट्रैक मार्च 29 को शुरु हुई थी, जब टीम ने आधार बिन्दू से शुरु किया था। चोटी पर पहुंचने के लिए उन्हें पांच दिनों का वक्त लगा।

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